Agra News : क्रिमसन वर्ल्ड स्कूल आगरा में धूमधाम से मना स्वतंत्रता दिवस, ‘कथा’ पुस्तकालय का शुभारंभ
आगरा। क्रिमसन वर्ल्ड स्कूल, आगरा में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास, देशभक्ति और रचनात्मकता के साथ धूमधाम से मनाया गया। समारोह में राष्ट्रप्रेम के साथ विद्यार्थियों की प्रतिभा, नेतृत्व क्षमता और पठन संस्कृति को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संस्थापक प्रवीण बंसल द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद राष्ट्रगान की सामूहिक ध्वनि से विद्यालय प्रांगण गूंज उठा। इस अवसर पर निदेशक डॉ. स्पर्श बंसल, सुश्री सुरभि बंसल, प्रधानाचार्या शिखा किंग और उपप्रधानाचार्य किशोर कोठारी सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद रहे।

ध्वजारोहण के पश्चात विद्यार्थियों ने प्रार्थना स्थल पर दीप प्रज्वलन किया। प्रधानाचार्या शिखा किंग ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ। देशभक्ति गीतों और संगीत की मधुर प्रस्तुतियों ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।
समारोह के दौरान आयोजित इंटर हाउस प्रतियोगिता में विभिन्न हाउस के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, टीम भावना, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
‘कथा’ पुस्तकालय का शुभारंभ
स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक खास पहल के रूप में विद्यार्थियों में पठन कौशल और पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से ‘कथा’ पुस्तकालय एवं कथा कॉर्नर का शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनमें नियमित पठन की आदत विकसित करना है।
‘कथा’ कॉर्नर में विद्यार्थियों को रोचक एवं ज्ञानवर्धक कहानियां पढ़ने, उनसे जुड़ने और अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिलेगा। विद्यालय का मानना है कि नियमित पठन से बच्चों के शब्द-भंडार, उच्चारण, अभिव्यक्ति क्षमता और कल्पनाशक्ति का विकास होता है।

देश के प्रति कर्तव्यों को समझना जरूरी : प्रवीण बंसल
विद्यालय के संस्थापक प्रवीण बंसल ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अनेक शूरवीरों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। ऐसे में हमारा भी कर्तव्य है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रति अपने दायित्वों पर विचार करें। उन्होंने कहा कि बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करना और उन्हें देश का सम्मान करना सिखाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
स्वतंत्र सोच और अभिव्यक्ति भी स्वतंत्रता का हिस्सा : शिखा किंग प्रधानाचार्या शिखा किंग ने कहा कि विद्यार्थियों को योग्य नागरिक बनाने के लिए सबसे पहले उन्हें अपने देश का सम्मान करना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता केवल बाहरी बंधनों से मुक्ति नहीं है, बल्कि स्वतंत्र रूप से सोचने, प्रश्न करने और अपनी बात कहने की स्वतंत्रता भी है। पुस्तकें और कहानियां बच्चों को विचारों की यही स्वतंत्रता प्रदान करती हैं।
उन्होंने कहा कि इसी सोच को ध्यान में रखते हुए ‘कथा’ पुस्तकालय की शुरुआत की गई है, ताकि विद्यार्थी परंपरा और देशभक्ति से जुड़े रहने के साथ ज्ञान, रचनात्मकता और निरंतर सीखने की दिशा में आगे बढ़ सकें।
समारोह ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया, वहीं ‘कथा’ पुस्तकालय की शुरुआत ने विद्यालय की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया कि शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और जीवनपर्यंत सीखने की आदत को बढ़ावा दे।