बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, कैंसर से जंग हारे; फोर्टिस अस्पताल में ली अंतिम सांस
ब्यूरो संवाददाता
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उत्तर प्रदेश विधानसभा में एकमात्र विधायक और बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार निर्वाचित जनप्रतिनिधि उमाशंकर सिंह का बुधवार को दिल्ली स्थित फोर्टिस अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया। वे पिछले लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे और करीब दो वर्षों से उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से बसपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और पूरे प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई।
उमाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा में बसपा के इकलौते विधायक थे। पार्टी अध्यक्ष मायावती के विश्वसनीय नेताओं में उनकी गिनती होती थी। वर्ष 2025 के रक्षाबंधन पर मायावती द्वारा उन्हें राखी बांधना दोनों के विशेष राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों का प्रतीक माना गया था।
राजनीतिक जीवन में उमाशंकर सिंह ने रसड़ा विधानसभा क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व किया। वे तीन बार विधायक चुने गए और अपने जनसंपर्क, संगठन क्षमता तथा क्षेत्रीय विकास कार्यों के लिए जाने जाते थे। बसपा के कठिन दौर में भी उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी और विधानसभा में जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया।
इसी वर्ष आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान भी उनकी गंभीर बीमारी चर्चा का विषय बनी थी। उस समय मायावती ने उनकी खराब स्वास्थ्य स्थिति का उल्लेख करते हुए कार्रवाई के समय पर सवाल उठाए थे। बताया गया था कि वे लंबे समय से कैंसर का उपचार करा रहे थे।
उमाशंकर सिंह के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। समर्थकों का कहना है कि उन्होंने हमेशा जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं के समाधान का प्रयास किया और अपने सरल स्वभाव तथा जनसेवा के कारण लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। उनके निधन से बसपा ने अपना एक अनुभवी और महत्वपूर्ण नेता खो दिया है।