Bihar News : भूकंप आने पर भगदड़ न मचाएं, शांत रहें, सावधान रहें और सुरक्षित रहें: मेरी आडलीन
संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
सुरक्षित शनिवार के अवसर पर रा.उ.मा.वि. सबेया कला में भूकंप से बचाव एवं सुरक्षा उपायों को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को भूकंप के समय अपनाई जाने वाली सावधानियों तथा क्या करें और क्या न करें, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई।
शिक्षिका सुश्री मेरी आडलीन ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को विद्यालय में ‘सुरक्षित शनिवार’ मनाया जाता है। इसके माध्यम से बच्चों को विभिन्न आपदाओं से बचाव एवं आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जाती है। इसी क्रम में इस शनिवार को विद्यार्थियों को भूकंप आने की स्थिति में सुरक्षा के उपायों के बारे में बताया गया।

मेरी आडलीन ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भूकंप के दौरान सबसे महत्वपूर्ण नियम ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन’ है, अर्थात नीचे झुकें, सिर ढकें और किसी मजबूत वस्तु को पकड़कर रखें। उन्होंने बताया कि इस उपाय को अपनाकर भूकंप के दौरान खुद को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
भूकंप आने पर क्या करें
- भगदड़ न मचाएं और शांत रहें।
- यदि आप घर के अंदर हैं तो झटके रुकने तक अंदर ही रहें। किसी मजबूत टेबल या डेस्क के नीचे छिपें और उसे पकड़कर रखें।
- यदि आप खुले स्थान पर हैं तो बड़ी इमारतों और पेड़ों से दूर किसी सुरक्षित खुले मैदान में चले जाएं।
- यदि आप वाहन चला रहे हैं तो वाहन को सुरक्षित खुले स्थान पर रोकें और झटके रुकने तक वाहन के अंदर ही रहें।
- खुद को सुरक्षित रखें और आवश्यकता पड़ने पर दूसरों की मदद करें।
- अफवाहों से बचें और केवल विश्वसनीय जानकारी पर भरोसा करें।
भूकंप आने पर क्या न करें
- भूकंप के दौरान या तुरंत बाद लिफ्ट का उपयोग न करें, क्योंकि बिजली गुल होने की स्थिति में लिफ्ट में फंसने का खतरा हो सकता है।
- झटके महसूस होते ही अफरा-तफरी में सीढ़ियों या बाहर की ओर भागने की कोशिश न करें। इससे गिरने और चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।
- कांच की खिड़कियों, भारी अलमारी, टीवी और झूमर जैसी वस्तुओं से दूर रहें।
- गैस लीक होने की आशंका के कारण माचिस, लाइटर या किसी भी प्रकार की खुली आग का इस्तेमाल न करें।
- भूकंप के दौरान बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल न करें।
- यदि वाहन चला रहे हैं तो पुल या ओवरब्रिज पर वाहन न रोकें।
मॉक ड्रिल के दौरान छात्र-छात्राओं ने स्वयं भी भूकंप से बचाव के उपायों का प्रदर्शन किया और सुरक्षा संबंधी जानकारी साझा की। गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को आपदा के समय घबराने के बजाय संयम और सावधानी के साथ कार्य करने का संदेश दिया गया।
अंत में मेरी आडलीन ने कहा कि “सावधानी ही बचाव है।” उन्होंने विद्यार्थियों से सतर्क और सावधान रहने तथा आपदा की स्थिति में सुरक्षा उपायों का पालन करने की अपील की।