Bihar news आवासीय अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यालयों में दीदी की रसोई के संचालन की कवायद शुरू

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संवाददाता मोहन सिंह बेतिया

जीविका दीदी द्वारा जिला के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालयों में स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की पहल जिला कल्याण विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। शुरुआती दौर मे जिला के ऐसे आठ विद्यालयों में भोजन उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा। जीविका दीदी आवासीय विद्यालयों में कैन्टीन का संचालन सुचारू रूप से कर सके, इसके लिए पहले चरण मे दीदियों को तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण 6-8 दिसंबर के बीच रामनगर, बगहा और सिधाव मे प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जबकि दूसरे चरण मे मैनाटांड, गौनाहा और सिधाव मे 9-11 दिसंबर के बीच 20-20 दीदियों को प्रशिक्षण किया जाना है।

 

 

IMG 20211209 WA0047प्रशिक्षण का आयोजन संबंधित आवासीय विद्यालयों में ही कराया जा रहा है ताकि जीविका दीदी स्कूल के माहौल से भलीभांति परिचित हो सकें। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में रसोई प्रबंधन, बड़े स्तर पर भोजन बनाना, खाना परोसना, समय प्रबंधन और साफ-सफाई जैसे विषय पर प्रशिक्षण दिया जा रहा। प्रशिक्षण के बाद जीविका दीदी तीन वक्त नाश्ता और दो बार भोजन की व्यवस्था करेंगी।

 

IMG 20211209 WA0046जीविका के प्रबंधक गैर कृषि शाहिद खान ने बताया कि पूर्व से ही जीविका दीदी द्वारा अनुमंडल अस्पतालों में *दीदी की रसोई* के नाम से कैन्टीन का संचालन सफलतापूर्वक कर रही हैं। इसी के मद्देनजर जीविका दीदी पर भरोसा जताते हुए कल्याण विभाग ने विद्यालयों के कैंटीन का संचालन जीविका दीदियों दिया है।

 

Bihar news आवासीय अनुसूचित जाति/जनजाति विद्यालयों में दीदी की रसोई के संचालन की कवायद शुरूउन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का सफल आयोजन के बाद दूसरे आवासीय विद्यालयों के कैन्टीन कि जिम्मेदारी जीविका दीदी को सौंपी जा सकती है।जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक अविनाश कुमार ने कल्याण विभाग द्वारा इस दिशा मे किए गए सहयोग की सराहना करते हुए बताया कि विभाग द्वारा जीविका दीदी को खुशनुमा माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है जिससे कैन्टीन के संचालन में जीविका दीदी को काफी मदद मिल रही है। इन्होंने बताया कि कैंटीन व्यवसाय दीदियों के रोजगार के अच्छा माध्यम बन रहा है। इससे दीदियों के आर्थिक स्थिति मे काफी बदलाव आया है।

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