Bihar News: नलजल योजना का संवेदक फरार जीरो स्टार्टिंग पॉइंट पर है अभी भी कार्य

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संवाददाता मोहन सिंह

बेतिया बगहा अनुमंडल के वाल्मीकिनगर स्थित ऊपरी शिविर 3 नम्बर पहाड़ कॉलोनी में नलजल योजना का कार्य कर रहा संवेदक बोरिया बिस्तर समेटकर फरार हो गया है । जिस कारण इस क्षेत्र में महत्वाकांक्षी नलजल योजना दम तोड़ती नज़र आ रही है । बतातें चलें कि वाल्मीकिनगर एक पहाड़ी क्षेत्र होने की वजह से नलजल योजना का कार्य बिहार सरकार ने पीएचडी विभाग के सुपुर्द कर दिया है,पीएचडी विभाग ने इस कार्य को टेंडर के जरिये कार्य को अमलीजामा पहनाने की कोशिश कर रही है । लेकिन इस मामले में तीसरी जगह पाइलिंग करने के बाद भी पानी का लेवल नहीं मिलने से संवेदक कार्य बन्दकर फरार हो गया है । ऊपरी शिविर निवासी नंद गोपाल,मेहवाल ने बताया कि पूर्व में दो जगह पाइलिंग किया गया था लेकिन वाटर लेवल नहीं मिला,फिर संवेदक ने भूकम्प मापी केंद्र ऑफिस के बगल में तीसरी जगह पाइलिंग करने की कोशिश की लेकिन करीब 2 सौ फीट पाइलिंग के बाद वाटर लेवल नहीं मिला तो कार्य को बंद कर दिया । बतादें की इस जगह से ठीक दूसरी तरफ जंगल कैम्प में वन विभाग ने पाइलिंग करवाई है, जो 5 सौ फीट की पाइलिंग के बाद वाटर लेवल मिल गया गया है और जंगल कैम्प के प्रतिष्ठानों में पानी आपूर्ति की जा रहीं है । उक्त निवासियों ने संवेदक से आग्रह किया था कि और गहराई तक पाइलिंग करें तो वाटर लेवल मिल जाएगा,लेकिन संवेदक ने कार्य को बन्दकर दिया । ज्ञात हो कि ऊपरी शिविर पर जलसंसाधन विभाग का गंडक कॉलोनी बसा हुआ है,साथ ही गेस्टहाउस के साथ साथ पर्यटकों के लिए कई दर्शनीय स्थल भी मौजूद है,जहां पर्यटकों की भीड़ लगी रहती है । फिलहाल वीटीआर पर्यटकों के लिए कोविड 19 के बंदी के चलते बंद कर दिए गए हैं । बतादें की इसी शिविर में इक्को पार्क,जंगल कैम्प स्थित बम्बू हट,वाल्मीकि विहार होटल,भूकम्प मापी केंद्र कार्यालय, झूला पूल सहित गंडक विभाग के सैकड़ों कर्मचारी इस क्षेत्र के कॉलोनियों में निवास करते है । जानकारी के मुताबिक इस बड़े से इलाके में एक भी हैंड पाईप नहीं है ।इस क्षेत्र के लोगों को गंडक विभाग की इकाई पीएचईडी के द्वारा की जाने वाली जल आपूर्ति पर निर्भर रहना पड़ता है । जो 60 वर्ष पुराना हो चला है,जो प्रायः बीमार पड़ा रहता है । साथ ही यह पानी पीने के लायक नहीं होता है,पीने के पानी के लिए प्रतिदिन ऊपरी शिविर से नीचे करीब एक किलोमीटर पहाड़ उतरकर लाना पड़ता है ।
इस महत्वकांक्षी नलजल योजना से स्थानीय निवासियों में आशा की किरण जगी थी,लेकिन संवेदक के कार्य बन्दकर देने से लोग निराश हो चले हैं । इस कार्य को चालू करने के लिए स्थानीय गृहणियां बराबर प्रदर्शन कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट करना चाहती हैं ताकि नलजल योजना कार्य पूरा हो सके और पेयजल की विक्राल समस्या का समाधान हो सके । फोटो

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