संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
पत्रकारों के खिलाफ अपराधों से मुक्ति के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन। विश्व भर में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों एवं विभिन्न घटनाओं में मारे गए पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि ।
आज दिनांक 2 नवंबर 2022 पत्रकारों के खिलाफ अपराधो से मुक्ति का अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पीस एंबेस्डर सह सचिव सत्याग्रह रिसर्च फाउंडेशन डॉ एजाज अहमद अधिवक्ता ,डॉ सुरेश कुमार अग्रवाल चांसलर प्रज्ञान अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय झारखंड ,डॉ शाहनवाज अली, डॉ अमित कुमार लोहिया, वरिष्ठ अधिवक्ता शंभू शरण शुक्ल, सामाजिक कार्यकर्ता नवीदूं चतुर्वेदी, पश्चिम चंपारण कला मंच की संयोजक शाहीन परवीन, डॉ महबूब उर रहमान एवं अल बयान के सम्पादक डॉ सलाम ने संयुक्त रूप से विश्व भर में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं, युद्ध ग्रस्त क्षेत्रों एवं विभिन्न घटनाओं में मारे गए पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों के खिलाफ सभी हमलों की निंदा करने के लिए यह नामित किया है।

दिसंबर 2013 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने पत्रकारों के खिलाफ अपराधों रोकने के लिए 2 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया। 2 नवंबर 2013 को दो फ्रांसीसी पत्रकारों, क्लाउड वेरलॉन एवं घिसलाइन ड्यूपॉन्ट के माली में हत्या की स्मृति में यह तारीख का चयन किया गया था।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र एवं मानवता की रक्षा को आगे आए विश्व के नई पीढ़ी के पत्रकार एवं मीडिया कर्मी। लोकतंत्र की मजबूती एवं मानवता की रक्षा में प्रेस की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, असंवैधानिक कामों को उजागर करना एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण लक्ष्य है । इस मंच के माध्यम से सरकारों एवं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का हम सब आह्वान करते हैं। पुरी दुनिया में समाज में अपनी भूमिका निभाने एवं अपने कर्तव्य को निभाने हुए इस वर्ष 2022 मे लगभग 70 से अधिक पत्रकारों की हत्या कर दी गई। इस मंच से हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
पत्रकारों की सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र की कार्य योजना की दसवीं वर्षगांठ मनाते हुए हमें काफी प्रसन्नता हो रही है। संयुक्त राष्ट्र जिसका उद्देश्य सभी मीडिया कर्मियों के लिए एक सुरक्षित एवं मुक्त वातावरण बनाना है, दण्ड से मुक्ति की एक सामान्य संस्कृति बनाना और पत्रकारों को अपना आवश्यक कार्य करने में सक्षम बनाने पर जोर देना है।

दुष्प्रचार, ऑनलाइन हिंसा और अभद्र भाषा, विशेष रूप से महिला पत्रकारों के खिलाफ, दुनिया भर में मीडिया कर्मियों पर हिंसा बढ़ी है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ अपराधों से मुक्ति के अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर, हमारे मीडिया कर्मियों को सम्मानित करने और सभी के लिए सच्चाई, न्याय ,मानवता की रक्षा एवं मानवाधिकारों के लिए खड़े होने का संकल्प लेने का अवसर है।