Bihar news बिहार मे शराबबंदी फोकस,फिर शराबबंदी क्यों?

Bihar news बिहार मे शराबबंदी फोकस,फिर शराबबंदी क्यों?
Share News

संवाददाता-राजेन्द्र कुमार

हाजीपुर वैशाली/बिहार मे शराबबंदी फोकस,तो फिर बिहार मे शराबबंदी क्यों।आये दिन बिहार मे जहरीले शराब से कितने लोगो जान गंवा चुके।फिर भी बिहार सरकार चुप है।आखिरकार बिहार मे 2016से शराबबंदी कानून लागू है फिर बिहार मे कैसे शराब की खेप पहुंच रही है।

 

Bihar news बिहार मे शराबबंदी फोकस,फिर शराबबंदी क्यों?यह सोचने वाली बात है।या तो प्राशसनिक अधिकारी के मिलीभगत से आ रही होगी।2016से बिहार मे लगभग जहरीले शराब से85लोग मर चुके है।प्रशासन को कहा जाता है कि अमूक जगह पर शराब बिक रहा है।तो प्रशासन ने कहता है कि आप हमे बताए।अब सवाल उठता है कि जब प्रशासन और शराब तस्करी मे मुठभेड़ होता है तो पुलिस मारा जाता है।उस मे आम आदमी शराब तस्करी का शिकायत पुलिस पदाधिकारी से कहेगा तो उसका इंजाम क्या भूगतना होगा।पूरे बिहार मे जहरीले शराब का बिक्री धड़ल्ले से होता है।परन्तु पुलिस प्रशासन देखकर भी नजरअंदाज करता है।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कहते है कि बिहार मे शराबबंदी सफल हूआ है।

 

Bihar news बिहार मे शराबबंदी फोकस,फिर शराबबंदी क्यों?अगर शराबबंदी कानून बिहार मे सफल होता तो आये दिन कही न कही जहरीले शराब से लोग जान गंवा रहे है।आखिरकार शराबबंदी सफल हूआ तो जहरीले शराब पीकर लोग क्यों जान गवा रहे है।बिहार मे शराब बिकता है तभी तो लोग खरीदकर शराब पी रहे है।शराबबंदी कहा से सफल होता दिखाई दे रहा है।मुख्यमंत्री जी बताईए कैसे सफल हूआ।चंपारण मे30लोग मे15लोगो की मौत जहरीले शराब प्रकाश का पर्व दिपावली के दिन हो गई।बाकी लोगो का इलाज कही और जगह हो रहा है।अब सबाल है कि इसका जिमेवारी कौन होगा?या तो सरकार, या प्रशासन।नीतीश कुमार जी को चाहिए कि शराबबंदी पूर्ण बंद करे नही तो शराब चालु करे।कितना दिन तक बिहार के लोग जहरीले शराब पिकर मरता रहेगा।कुछ दिन पूर्व गोपालगंज मे20लोग जहरीले शराब पिकर अपनी जान गवा चुके लोग।आखिरकार दूसरे राज्य से शराब कैसे पहुंचती है बिहार मे बिहार के बोडर पर तो प्रशासन अधिकारी की डियूटी लगी रहतीं होगी।तो प्रशासन अधिकारी के सामने से बोडर के बाहर यानी बिहार मे कैसी पहुंचती है शराब।कही न कही बिहार के बोडर पर बैठे अधिकारी के मिलिभगत से शराब का खेल होता होगा।बिहार के किसी थाने क्षेत्र मे शराबी 200कार्टून पकड़ाता है तो सरकार के रजिस्टर मे175कार्टून सो होता है।बाकी 25कार्टून शराब थाने के बाबू लोग के पाकेट मे जाता है।बिहार मे होम डिलीवरी शराब बिकता है।पीने वाले के घर तक आ जाता है।लेकिन अंधी नगरी मे चौपट राजा।अगर सरकार बहिरा हो जाता है तो उसे चिल्ला कर जगाना होगा।

Trending News