संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
नप सभापति गरिमा देवी सिकारिया रक्षाबंधन पर अपने द्वारा कोरोना संक्रमण काल में बीते 106 दिन से संचालित निःशुल्क भोजन वितरण शिविर में पहुंचे विभिन्न परिवार दर्जनों बच्चों के बीच पहुंचीं। शिविर में पहुंचे बच्चों की अब तक के कोरोना काल में पढ़ाई और खेलकूद की जानकारी ली। इस मौके पर गरिमा देवी सिकारिया द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा केले के थंभ से निकाले गए फाइबर धागों से निर्मित राखी बच्चों की कलाई पर बाँधी और उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि आज भाई-बहन के पारस्परिक प्रेम व विश्वास का त्योहार रक्षाबंधन है।
घर घर के भाई बहन के साथ पास पड़ोस के बच्चों के साथ भी भाई-बहन का व्यवहार करते हुये सभ्य व प्रेम व्यवहार में बंधे समाज के निर्माण में आप सभी अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि समाज के हर तबके के बच्चों के साथ संक्रमण से बचने की सावधानी बरतते हुए रक्षाबंधन का त्योहार मनाना है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि हमारे यही बच्चे घर के बाद सम्पूर्ण समाज के भविष्य हैं। इन्हें यथासंभव बेहतर शिक्षा के साथ उत्तम संस्कार देना जरूरी है।
इसी के साथ उन्होंने कहा कि बच्चों में लिंग के आधार पर अर्थात बेटा-बेटी में भेद कत्तई नहीं करें। यह उनका बेहतर भविष्य बनाने के साथ मानवता के प्रति भी अपराध है। इस मौके पर सभापति श्रीमती सिकारिया ने इन बच्चों के बीच ज्ञानवर्धक पुस्तक और चॉकलेट का वितरण करते हुये इन्हें जीवन में बेहतर करने का आशीर्वाद दिया। इस मौके पर निःशुल्क भोजन वितरण शिविर के प्रभारी व समाजसेवी नवेन्दु चतुर्वेदी, सुशीला देवी, नंदनी शर्मा, जयंती कुमारी, निवेदिता कुमारी, नूतन, अंजली, प्राची साक्षी, अनुराग चतुर्वेदी आदि ने रक्षाबंधन कार्यक्रम में भाग लिया।