Bihar News बिहार में किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिलने के कारण 20 से 25 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है: प्रशांत किशोर

Bihar News बिहार में किसानों को समर्थन मूल्य नहीं मिलने के कारण 20 से 25 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो
Share News

संवाददाता मोहन सिंह बेतिया 

जन सुराज पदयात्रा के दौरान छपरा में पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में एक सबसे बड़ी समस्या है किसानों के फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पाना। पिछलें 6 महीनों में जब से पदयात्रा शुरू हुई ये वो समय है जब धान और गन्ने की फसल की कटाई हो रही है। अभी जितने भी लोग मिल रहे हैं, उनमें से 90 प्रतिशत लोग यही बताते हैं कि उनको धान 1200 से 1500 प्रति क्विंटल की दर से बेचा जा रहा है। जबकि धान का अधिकारिक मूल्य 2050 रुपए है।

IMG 20230402 WA0105

यही स्थिति गन्ने की फसल का है। पूरे चंपारण और सिवान में 30 से ज़्यादा चीनी मिलों के बंद हो जाने के कारण किसान या तो कम गन्ना उपजा रहे हैं या उन्होंने उपजाना बंद कर दिया है। जो किसान गन्ना उपजा रहे हैं वो चीनी मिलों की मनमानी झेल रहे हैं। मिल अपने हिसाब से गन्नों के रेट तय कर रहा है। बिहार के किसानों को फसल का सही मूल्य ना मिल पाने के कारण 20 से 25 हजार करोड़ रुपए का सालाना नुकसान हो रहा है।

Trending News