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Bihar news:  29 करोड़ रूपये से होगा थरूहट क्षेत्र का समेकित विकास

संवाददाता मोहन सिंह बेतिया 

जिलाधिकारी, कुंदन कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभाकक्ष में समेकित थरूहट विकास अभिकरण योजनान्तर्गत वितीय वर्ष 2021-22 के लिए चयन हेतु कार्यकारिणी समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुयी। इस अवसर पर माननीय विधायक, बगहा, राम सिंह, माननीय विधायक, सिकटा, वीरेन्द्र गुप्ता, भारतीय थारू कल्याण महासंघ के अध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी एवं समिति के सदस्यों द्वारा थरूहट क्षेत्र के समेकित विकास के लिए वितीय वर्ष 2021-22 में ली जाने वाली विभिन्न योजनाओं की बारी-बारी से समीक्षा की गयी तथा लगन एवं तत्परतापूर्वक योजनाओं को धरातल पर शीघ्र उतारने की बात कही गयी। जिलाधिकारी ने कहा कि थरूहट क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार एवं जिला प्रशासन कृतसंकल्पित है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर तत्परतापूर्वक कार्य किया जा रहा है। वितीय वर्ष 2021-22 के लिए चयनित योजनाओं का क्रियान्वयन भी तत्परतापूर्वक कराना सुनिश्चित किया जाय।

उन्होंने कहा कि थरूहट क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मुहैया कराने के उदेश्य से कार्य किया जा रहा है। कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को व्यवसायिक प्रशिक्षण भी दिलाया जायेगा। व्यवसायिक प्रशिक्षण में हॉस्पिटल मैनेजमेंट, एएनएम/नर्सिंग ट्रेनिंग, सिक्यूरिटी गार्ड ट्रेनिंग, ऑटोमोबाइल ट्रेनिंग, मोबाईल रिपेयरिंग ट्रेनिंग, ए0सी0 रिपेयरिंग ट्रेनिंग, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन ट्रेनिंग, पलंबर ट्रेनिंग, फीटर फैब्रिकेशन ट्रेनिंग आदि शामिल है।

उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी तेजी के साथ कार्य किया जा रहा है। इन क्षेत्रों में थरूहट क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वीटीआर सहित अन्य जगहों को देखने आने वाले पर्यटक वाल्मीकिनगर में अवासन की समस्या से जूझते रहते हैं। इसी को देखते हुए थारू नेचर कैम्प/ईको कॉटेज की परिकल्पना की गयी है। थारू नेचर कैम्प/ईको कॉटेज का निर्माण थरूहट क्षेत्र के लोगों द्वारा की जायेगी। साथ ही इसकी सारी व्यवस्था यथा-रखरखाव, खान-पान आदि की व्यवस्था भी स्थानीय लोगों द्वारा ही की जायेगी। थारू नेचर कैम्प/ईको कॉटेज का निर्माण हो जाने के उपरांत एक ओर जहां स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा वहीं दूसरी ओर पर्यटकों के ठहरने की भी व्यवस्था हो जायेगी।

उन्होंने कहा कि थरूहट क्षेत्र में टेक्सटाइल एवं एप्रेल के क्षेत्र में मैनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना करायी जा रही है। जिले में दूसरा स्टार्टअप जोन हरनाटांड़ में बनाने की दिशा में तेजी के साथ कार्य किया जा रहा है। हरनाटांड़ सहित आसपास के हुनरमंद युवा काफी उत्साहित हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन युवाओं को हरसंभव सहायता प्रदान की जायेगी। इससे भी स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा तथा थारूओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

उन्होंने कहा कि 22 अगस्त को उनके द्वारा स्वयं स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों से वार्ता की गयी है। शीघ्र ही हरनाटांड़ में जिले का दूसरा स्टार्टअप जोन फंक्शनल कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि समेकित थरूहट विकास अभिकरण योजनार्न्गत थरूहट क्षेत्र में काफी विकास हुआ है। सड़क, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन, अस्पताल सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास तेजी के साथ हो रहा है। थरूहट क्षेत्र में आवश्यकतानुसार उक्त आधारभूत संरचनाओं का विकास तेजी के साथ किया जायेगा।

Bihar news:  29 करोड़ रूपये से होगा थरूहट क्षेत्र का समेकित विकास

जिलाधिकारी ने कहा कि थरूहट क्षेत्र को मिल्क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी तेजी से कार्य किया जा रहा है ताकि यहां छोटे-बड़े दुग्ध उत्पादकों को दूध का ससमय उचित मूल्य मिल सके। इस हेतु डीपीएम, जीविका को आवश्यक दिशा-निर्देश पूर्व में ही दिया जा चुका है। जीविका द्वारा इस संदर्भ में कार्य पूर्ण कर लिया गया है। थरूहट क्षेत्र के छोटे-बड़े दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध सहकारी समिति से जोड़ते हुए दुध का उठाव उनके घर से ही कराने की व्यवस्था की जा रही है।

डीपीएम, जीविका द्वारा बताया गया कि जीविका दीदियों द्वारा थरूहट क्षेत्र में दुग्ध उत्पादकता से संबंधित सर्वेक्षण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मैनाटांड़ प्रखंड अंतर्गत 628 लीटर, गौनाहा प्रखंड अंतर्गत 976 लीटर, बगहा-02 प्रखंड अंतर्गत 564 लीटर एवं रामनगर प्रखंड अंतर्गत 438, कुल-2606 लीटर दूध सरप्लस है। थरूहट क्षेत्र के ऐसे परिवार जो दुग्ध सहकारी समिति से जुड़े नहीं है तथा यत्र-तत्र दूध की बिक्री औने-पौने दामों में करते हैं, उनको दुग्ध सहकारी समिति से जोड़ते हुए ससमय उचित मूल्य सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे दुग्ध उत्पादकों को दूध बिक्री के लिए यत्र-तत्र नहीं जाना होगा बल्कि दुग्ध सहकारी समिति के माध्यम से उनके घर से दूध का कलेक्शन भी होगा।

बैठक में माननीय विधायक, सिकटा, वीरेन्द्र गुप्ता ने कहा कि थरूहट क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था विशेषकर लड़कियों की शिक्षा को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भंगहा, रामपुर एवं मानपुर में कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र का अधिष्ठापन कराया जाय। साथ ही रामपुर में छात्राओं के लिये कोचिंग सेंटर की समुचित व्यवस्था भी करायी जाय। उन्होंने कहा कि थरूहट क्षेत्र के युवा मिलिट्री, बीएमपी, एसएसबी आदि में जॉब के लिए काफी प्रयास करते हैं। ऐसे में इन युवाओं के लिए जिम, शारीरिक प्रशिक्षक आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। थरूहट क्षेत्र के परंपरागत कलाकृतियों को बढ़ावा देने, संरक्षित करने के उदेश्य से सांस्कृतिक संरक्षण केन्द्र का निर्माण कराया जाय। वाल्मीकिनगर में सम्मेलन वगैरह कराने के लिए हॉल का निर्माण भी कराने की बात माननीय विधायक, सिकटा द्वारा कही गयी।

जिलाधिकारी ने कहा कि वाल्मीकिनगर में सम्मेलन आदि के आयोजन हेतु इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कराया जाना है। इस हेतु तीव्र गति से कार्य कराया जा रहा है। भूमि का चयन भी कर लिया गया है। शीघ्र ही वाल्मीकिनगर में इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण होगा। साथ ही थरूहट क्षेत्र के परंपरागत कलाकृतियों को प्रोत्साहित एवं बढ़ावा देने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। यहां के प्रोडक्ट्स की ऑनलाइन बिक्री की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है।

माननीय विधायक, बगहा, राम सिंह ने थरूहट क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने कहा कि थरूहट क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में नियुक्त डॉक्टरों, कर्मियों की शत-प्रतिशत नियमित उपस्थिति की व्यवस्था की जाय। थरूहट क्षेत्र के विकास के लिए अधिकारी लगन एवं ईमानदारीपूर्वक कार्य करें। आनंदी भूजा, बासमती चावल के संरक्षण, प्रोत्साहन की बात भी माननीय विधायक द्वारा कही गयी।

प्रभारी पदाधिकारी, सकेकित थरूहट विकास अभिकरण, बैद्यनाथ प्रसाद द्वारा बताया गया कि वितीय वर्ष 2021-22 में 2903.00 लाख रूपये से थरूहट क्षेत्र के समेकित विकास के लिए सड़क, स्कूल, लाइब्रेरी, गर्ल्स कॉमन रूम, हॉस्पिटल, ईको कॉटेज, बॉलीवॉल स्टेडियम, विवाह भवन-सह-सांस्कृतिक भवन, गारमेंट मैन्यूफैक्चरिंग, व्यायामशाला, नेचर कैम्प आदि का होगा निर्माण। साथ ही ब्रूम मैनुफैक्चरिंग, प्लेट (पतल) मेकिंग प्लांट, बेकरी मेकिंग प्लांट, बुनकर भवन का फर्निसिंग कार्य सहित अन्य यूनिट का भी अधिष्ठापन कराया जायेगा।