संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/ पश्चिम चंपारण।
पश्चिम चम्पारण में अब आमजन की समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर और भी सरल एवं प्रभावी ढंग से किया जाएगा। इसी उद्देश्य से जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में सहयोग शिविरों के सफल आयोजन को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिविरों की रूपरेखा, आवेदन प्राप्ति, शिकायतों के निष्पादन तथा प्रभावी अनुश्रवण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जन शिकायतों के त्वरित एवं पारदर्शी निवारण के लिए प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को पंचायतवार सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह महत्वाकांक्षी पहल मई माह के तृतीय मंगलवार, 19 मई 2026 से जिले में प्रारंभ होगी। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान के लिए जिला या प्रखंड मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायतों में क्रमवार शिविरों का कैलेंडर तैयार कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिकाधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। शिविर पंचायत सरकार भवन अथवा उसके निकट किसी सार्वजनिक स्थल पर आयोजित होंगे। आयोजन स्थल पर बैठने, पेयजल, छाया तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, शिविर से 30 दिन पूर्व ही आवेदन प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित पंचायत के राजस्व मामलों का शिविर से पूर्व नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों एवं शिकायतों का पंजीकरण किया जाएगा तथा उनका निस्तारण संबंधित अधिनियमों एवं योजनाओं में निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाएगा। आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति एवं निस्तारण की समयावधि की लिखित सूचना भी उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि शिकायतों के निष्पादन के लिए ‘शिविर संवाद समाधान पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा। साथ ही, जन शिकायतों की सतत निगरानी के लिए रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जो मुख्यमंत्री सचिवालय से सीधे जुड़ा होगा। इससे शिकायतों के निवारण, विलंब के कारणों तथा कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी शिविरों में आमजन को उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पात्र लाभुक योजनाओं से वंचित न रहें।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी शिविर की अध्यक्षता अन्य अधिकारी करते हैं, तो उन्हें शिविर समाप्ति के उपरांत विस्तृत प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी को उपलब्ध कराना होगा। इसमें लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों की जानकारी भी शामिल होगी, जिन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि वे स्वयं अधिकाधिक शिविरों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही, प्रमंडलीय आयुक्त भी अपने अधीन जिलों में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर शिकायतों के निष्पादन की सतत समीक्षा करेंगे।
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन, उप निदेशक (प्रशासन) शिक्षा विभाग रामानुज प्रसाद सिंह, पूर्णेन्दु कुमार सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। वहीं, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।