संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली। अगस्त क्रांति के अवसर पर भारत छोड़ो आंदोलन दिवस के ऐतिहासिक मौके पर 11 अगस्त को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के दौरान शहीद हुए छात्रों की स्मृति में प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी बिदुपुर स्टेशन से होते हुए बरुआ मठ परिसर तक पहुंची।

प्रभात फेरी के बाद बरुआ मठ परिसर में सभा का आयोजन किया गया। सभा की अध्यक्षता अधिवक्ता सुरेश प्रसाद सिंह ने की, जबकि संचालन समाजसेवी अशोक कुमार ने किया।
अध्यक्षीय भाषण में दिल्ली और पटना में छात्रों पर गोली चलाए जाने की घटना की निंदा की गई। सभा में विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे छात्र-छात्राओं पर पुलिस द्वारा किए गए कथित बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज की सभी को निंदा करनी चाहिए। वक्ताओं ने छात्रों के भविष्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
सभा में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक होने का मुद्दा भी उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से छात्र-छात्राओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में सुधार तथा पेपर लीक पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
भारत छोड़ो आंदोलन के 9 अगस्त के ऐतिहासिक दिवस का उल्लेख करते हुए सभा में अपील की गई कि भारतीय जनता के संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले प्रगतिशील संगठन, समूह और व्यक्ति शिक्षा के निजीकरण, व्यवसायीकरण और वैश्वीकरण के खिलाफ आवाज उठाएं।
युवा सोशलिस्ट पहल की ओर से कहा गया कि भारत के राष्ट्रीय जीवन पर बढ़ते नव-साम्राज्यवादी प्रभाव को समाप्त करने के लिए सबसे पहले शिक्षा को ‘गुलामी की जंजीरों’ से मुक्त करने की आवश्यकता है। वक्ताओं ने शिक्षा को सभी के लिए सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और समान बनाने पर जोर दिया।