संवाददाता : मोहन सिंह
बेतिया, पश्चिमी चंपारण
पश्चिम चंपारण जिले के ठाकुर रामनगर स्थित गल्लू चौधरी सभागार, बलिराम भवन में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) का छठा जिला सम्मेलन उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन की शुरुआत झंडोत्तोलन के साथ हुई, जहां पूर्व शिक्षक नेता रवींद्र किशोर राय ने संगठन का ध्वज फहराया। इसके बाद शहीद वेदी पर माल्यार्पण कर मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

सम्मेलन में एटक के बिहार राज्य महासचिव अजय कुमार का अंगवस्त्र एवं माला पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित प्रतिनिधियों ने संगठन की संघर्षशील परंपरा को याद करते हुए मजदूर आंदोलन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अजय कुमार ने कहा कि एटक देश का सबसे पुराना मजदूर संगठन है, जिसने हमेशा श्रमिकों, कर्मचारियों और मेहनतकश वर्ग की आवाज को बुलंद किया है। उन्होंने वर्तमान समय को मजदूर वर्ग के लिए चुनौतीपूर्ण बताते हुए संगठन को और अधिक मजबूत, सक्रिय एवं संघर्षशील बनाने पर बल दिया।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) को मजदूर विरोधी बताते हुए इनके खिलाफ व्यापक जनआंदोलन चलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियों के विरुद्ध मजदूरों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
अजय कुमार ने बताया कि एटक का आगामी राज्य सम्मेलन खगड़िया तथा राष्ट्रीय सम्मेलन बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा, जहां श्रमिक हितों, रोजगार सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी एवं सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर रणनीति तैयार की जाएगी।
सम्मेलन के दौरान सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय जिला कमेटी का गठन किया गया, जो जिले में संगठन के विस्तार एवं श्रमिकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने का कार्य करेगी।
सम्मेलन में आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, विद्यालय रसोइयों, घरेलू कामकाजी महिलाओं, 102 एम्बुलेंस कर्मचारियों, सफाई कर्मियों, पोलदार यूनियन, चीनी मिल खेत मजदूरों तथा विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और अपनी समस्याओं को रखा।
प्रतिनिधियों ने मजदूर हितों की रक्षा, श्रमिक अधिकारों के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ संयुक्त संघर्ष को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र पांडेय एवं लालबाबू राम ने संयुक्त रूप से की। सम्मेलन का समापन मजदूर एकता, संगठन विस्तार एवं संघर्ष को नई गति देने के संकल्प के साथ हुआ।