आगरा। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल एमजी रोड पर स्थित हजरत रुस्तम शहीद शाह बाबा की ऐतिहासिक मजार को मंगलवार को प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्थानांतरित कर दिया। लगभग 390 वर्ष पुरानी इस मजार को नागरी प्रचारिणी स्थित शेख नासिर नाजिर शाह बाबा उर्फ नौगजे साहब की दरगाह परिसर में स्थापित किया गया।
सुबह करीब 8 बजे एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव, सिटी मजिस्ट्रेट अमित शुक्ला, नगर निगम और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू हुई। बुलडोजर और विशेष तकनीकी टीम की मदद से करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर एक बजे मजार का स्थानांतरण पूरा हुआ।

कार्रवाई के दौरान एमजी रोड के दोनों ओर यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जबकि दरगाह से जुड़े अकीदतमंद भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहे।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि मेट्रो परियोजना और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए मजार का स्थानांतरण आवश्यक हो गया था। सड़क के बीच स्थित होने के कारण लंबे समय से यातायात प्रभावित हो रहा था। उन्होंने कहा कि सर्व समाज के सहयोग और आपसी सौहार्द के कारण यह प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

मजार के खादिम प्रदीप तिवारी ने बताया कि यह मजार करीब 390 वर्ष पुरानी है और यहां मुस्लिम समुदाय से अधिक हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1978 में एमजी रोड चौड़ीकरण के दौरान भी मजार यथास्थान रही थी, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में स्थानांतरण का निर्णय लिया गया।
स्थानीय मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि सुहैल कुरैशी ने कहा कि कई दौर की बैठकों और आपसी सहमति के बाद मजार को स्थानांतरित करने का फैसला लिया गया। शहर के विकास को प्राथमिकता देते हुए सभी पक्षों ने सहयोग किया।
राज्यसभा सांसद नवीन जैन, मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और एमएलसी विजय शिवहरे समेत कई जनप्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सामाजिक सौहार्द और विकास के संतुलन की मिसाल बताया। उनका कहना है कि इससे एमजी रोड पर यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।