Agra News: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ ने सरकार के सौतेले व्यवहार पर किया विरोध प्रदर्शन

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संवाददाता सुशील चंद्रा
बाह: कस्बा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्वास्थ्य कर्मियों ने सरकार के खिलाफ सौतेले व्यवहार का आरोप लगाते हुए सी एच सी पर काली पट्टी बांधकर सरकार के आदेश की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।

 

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जिला चिकित्सालय कर्मचारी संघ के अधिकारियों ने मंगलवार को शासन के आदेश को लेकर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया । स्वास्थ्य कर्मियों का आरोप है कि पहले तो सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों 25 % अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने की बात कही लेकिन जब मानदेय देने का समय आया तो सरकार ने डॉक्टरों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। विदित हो कि कोविड-19 महामारी में काम करने वाले डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ को मुख्यमंत्री ने 6 मई को एक शासनादेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि जो लोग कोविड-19 में अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं उनको मूल वेतन मानदेय पर 25 फ़ीसदी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी ।

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बाह सी एच सी पर आदेश की प्रतियाँ जलाकर विरोध करते स्वास्थ्य कर्मी

लेकिन जब प्रोत्साहन राशि देने का समय आया तो सरकार ने डॉक्टर्स के साथ सौतेला व्यवहार किया है। चुनिंदा डॉक्टरों को ही इस लिस्ट में शामिल किया गया है।जिला कर्मचारी संघ के अनिल कुमार मुदगल वरिष्ठ उपाध्यक्ष डी पी ए आगरा,संजय बघेल मंत्री डी पी ए आगरा,शिवेंद्र प्रताप,रघुराज सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाह पर सरकार के इस आदेश की प्रतिलिपियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया।अनिल कुमार मुदगल वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल का हर कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर अपने परिवार की चिंता किये बिना कोरोना महामारी में जनता के लिए सेवा दे रहा है अब ऐसे में प्रोत्साहन राशि देने का समय आया है तो सबको समान राशि मिलनी चाहिए। किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। प्रत्येक स्वास्थ्य कर्मी ने मिलकर कोविड-19 को हराने का प्रयास किया है। इसलिए सरकार को सभी को प्रोत्साहन राशि दी जानी चाहिए।सरकार को हमारी मांगे माननी होगी अगर सभी को 25 फ़ीसदी प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई तो आगे हम कार्य बहिष्कार करेंगे और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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