Agra News: स्वच्छ भारत मिशन का मखौल उड़ा रहे लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय

Agra News: स्वच्छ भारत मिशन का मखौल उड़ा रहे लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय
Share News

[lgc_column grid=”50″ tablet_grid=”50″ mobile_grid=”100″ last=”false”][/lgc_column]संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज

बाह: खुले में शौच मुक्त का दावा करने वाली ग्राम पंचायतें स्वच्छ भारत मिशन योजना का मखौल उड़ा रही हैं।प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल स्वच्छ भारत मिशन के तहत ब्लाक जैतपुर के ग्राम पंचायत चौरंगा हार व सामरमऊ में बने सामुदायिक शौचालय सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।लाखों रुपये की लागत खर्च कर बने शौचालय शो पीस साबित हो रहे हैं।

 

 

IMG 20211011 WA0054 ग्रामीण खुले में शौच करने को मजबूर हैं। शासन का मकसद था कि शौचालय बनेंगे तो अभावग्रस्त लोग इनका उपयोग कर सकेंगे इसके लिए सरकार द्वारा भारी भरकम धनराशि खर्च कर शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इनमें महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग शौच की व्यवस्था की गई थी लेकिन शौचालयो का निर्माण तो हो गया लेकिन जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रयास किया गया वह पूरा नहीं हो सका। सामुदायिक शौचालय के दरवाजों पर लटके ताले जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं।ग्राम पंचायत चौरंगा हार व सामरमऊ में शौचालय बनने के बाद ताला लगा दिया गया है।

 

 

Agra News: स्वच्छ भारत मिशन का मखौल उड़ा रहे लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय इसमें एक दिन भी ग्रामीणों के लिए नहीं खोला गया है। ग्रामीण महिला एवं पुरुष खुले में शौच जाने को विवश है। सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर बनाए गए शौचालय सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। ब्लॉक बाह तथा जैतपुर के लगभग हर ग्राम पंचायत का यही हाल है। सामुदायिक शौचालय को बने कई माह बीत चुके हैं लेकिन अभी तक इन शौचालयों को चालू नहीं किया जा सका है।

 

 

Agra News: स्वच्छ भारत मिशन का मखौल उड़ा रहे लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालयवहीं सूत्रों की माने तो सरकार द्वारा शौचालय की व्यवस्था के लिए केयरटेकर रखे गए हैं जिन्हें प्रतिमाह छः हजार रुपए साथ ही मेंटेनेंस के लिए तीन हजार रुपए प्रतिमाह सहित कुल नौ हजार रुपए आवंटित किए जाते हैं। मगर ग्राम प्रधान व ब्लॉक अधिकारियों की मिलीभगत से इन पैसों का भी बंदरबांट हो रहा है। वहीं अधिकारियों से शिकायत के बाद जांच के नाम पर वसूली कर जांच ठंडे बस्ते में डाल दी जाती है और कार्यवाही न होने से जिम्मेदार बच जाते हैं।

Trending News