Agra News: बाह की माटी का लाल नेशनल शूटर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवा दिखाने को है तैयार

Agra News: बाह की माटी का लाल नेशनल शूटर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जलवा दिखाने को है तैयार
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शूटिंग में रामवीर ने प्रदेश के लिए जीते कई मेडल

पूर्व में बाह के दो खिलाड़ी जीत चुके हैं अर्जुन अवॉर्ड

संवाद जनवाद टाइम्स न्यूज

बाह: खिलाड़ियों की जननी रही बाह का एक और खिलाड़ी नेशनल शूटर रामवीर सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना जलवा दिखाने को तैयार है।इनसे पहले भी बाह का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस क्षेत्र के कई खिलाड़ियों ने राज्य स्तर से लेकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चमक बिखेरी है। बाह क्षेत्र के दो खिलाड़ी अजीत सिंह भदौरिया व विजय सिंह को श्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।एक बार फिर संसाधनों के अभाव के बावजूद क्षेत्र के कस्बा बाह के जरार गावँ के निवासी रामवीर सिंह पुत्र स्व. दाताराम को हाल ही में नेशनल एसोसिएशन द्वारा नेशनल शूटर का दर्जा प्रदान किया गया है।

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नेशनल शूटर बनने पर इटावा सदर विधायक सरिता भदौरिया ने विधानसभा में रामवीर को सम्मानित किया।यह खिलाड़ी अब तक वह कई राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त कर चुका हैं। वही राजभवन में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक व इटावा जिला अधिकारी के द्वारा सम्मानित किये जा चुके है। रामवीर उत्तर प्रदेश स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप 2018 में सिल्वर मेडल व प्री स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप 2019 में एक गोल्ड और एक कांस्य पदक प्राप्त कर चुके हैं।अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओँ की तैयारी कर रहे हैं।बाह की माटी खिलाड़ियों की जननी है। इसका प्रमाण नेशनल शूटर रामवीर के रूप में दिखता नजर आ रहा है।

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रामवीर सिंह का कहना है बाह क्षेत्र में अगर देखा जाए तो प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है कमी है तो सिर्फ उस प्रतिभा को निखारने के लिए पर्याप्त संसाधनों की। हमारे क्षेत्र में कई अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ी रहे हैं और भविष्य में कई खिलाड़ी पदक ला सकते हैं।क्षेत्र में संसाधनो के अभाव में प्रतिभावान खिलाड़ी अन्य जिलों या राज्यों में प्रशिक्षण के लिए चले जाते है। जिससे हमारे बाह क्षेत्र को उनका नाम नहीं मिल पाता।क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को खिलाड़ियों के लिए अपने ही क्षेत्र में संसाधन मुहैया कराने का प्रयास करना चाहिए जिससे इस क्षेत्र के खिलाड़ी जो कि संसाधनों के अभाव में खेलना ही छोड़ देते हैं या कहीं अन्य स्थान पर पलायन कर जाते हैं उसे रोका जा सके।बाह की माटी में प्रतिभागियों की कोई कमी नहीं है।

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