“किससे कहूं” : कहानी संग्रह

IMG_20200512_163248
Share News

 

किससे कहूं” : कहानी संग्रह
(पुस्तक पर मेरे विचार)

IMG 20200512 163248

आदरणीय जया मोहन जी की कहानी संग्रह किससे कहूं पढ़ी जिसमें 7 कहानियां है जिसमे ‘किससे कहूं, फर्ज, घरौंदा, छप्पर, फ़ैसला, गुब्बारे वाला, नियति, सभी कहानियां बेहतरीन है किंतु मुझे किससे कहूं और घरौंदा मन को छू गई इन कहानियो को पढ़ते समय मैंने चरित्र की दृष्टि से विविधता पाई और शिल्प की दृष्टि से लोक परिवेश का विस्तार क्योंकि जया मोहन जी महोबा उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं इसलिए उनकी कई कहानियां वहां की क्षेत्रीय भाषा और अताब शैली पर आधारित है लोक परंपराओं की रोचकता लचीलापन जीवन का रस और जिजीविषा उनके हर कहानियों में देखने को मिलती है हम सब जानते हैं कि जया मोहन जी मूलतः एक अच्छी कहानी कार है यह किताब उन्होंने मुझे बहुत पहले दी थी और कुछ लिखने के लिए भी कहा था किंतु समय अभाव के कारण नहीं लिख पा रही थी जया मोहन की कई कहानियां हमारे आकाशवाणी प्रयागराज गृह लक्ष्मी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रसारित भी हो चुका है और कई कहानियां बच्चों की मेरी ड्यूटी में भी प्रसारित हुई है जया मोहन जी बहुत अच्छी कहानीकार है उनकी रचना धर्मिता को मैं नमन करती हूं ऐसे ही लिखती रहें हम सब की ढेरों शुभकामनाएं हैं और अपना प्यार और आशीर्वाद हम सभी को देती रहे इसी उम्मीद के साथ मैं जया जी को प्रणाम करती हूं।
ऋतंधरा मिश्रा

Trending News