Uttar Pradesh : UP सीएम ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियो के साथ की मीटिंग, लॉक डाउन का जायजा लिया

IMG_20200415_200633
Share News

 

मनोज कुमार राजौरिया :   मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आज कोरोना वायरस महामारी के दृष्टिगत लॉकडाउन के बीच प्रदेशवासियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की और विभिन्न दिशा-निर्देश दिए।

IMG 20200415 200633

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर अंकुश लगाने को लेकर बेहद संजीदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर खतरा भांपकर एक-एक कदम उठा रहे हैं। पीएम मोदी के साथ शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट के मंत्रियों के साथ बैठक कर लॉकडाउन के दौरान और उसके बाद की स्थिति को लेकर रणनीति तय की। इस बैठक में राज्य सरकार के 19 मंत्री शामिल हुए।
योगी आदित्यनाथ सरकार अब प्रदेश को पटरी पर लाने के लिए 15 अप्रैल से लॉकडाउन के बाहर आने वाली है। मंत्री-अफसर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए कामकाज संभालेंगे। वरिष्ठ मंत्रियों की कमेटियां कार्ययोजना बनाएंगी कि लॉकडाउन में चरमराई आर्थिक, शैक्षिक, चिकित्सीय और सामाजिक व्यवस्था को सधे कदमों के साथ कैसे आगे बढ़ाया जाए।
कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार देर शाम सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ अपने आवास पर उच्च-स्तरीय बैठक की। उद्देश्य यही था कि लॉकडाउन की स्थिति से कैसे निकलकर आवश्यक गतिविधियों को एहतियात के साथ सुचारु किया जाए। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को 15 अप्रैल से कार्यालय में बैठकर अपने-अपने विभागों के आवश्यक कामकाज निपटाने के लिए कहा है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि लॉकडाउन के बारे में केंद्र सरकार के जो भी दिशा निर्देश होंगे, उनका पालन किया जाएगा।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले से बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि सबने इस बात को महसूस किया है कि भारत जैसे 130 करोड़ की विशाल आबादी वाले देश को प्रधानमंत्री के द्वारा समयबद्ध ढंग से लिए गए निर्णयों के कारण वैश्विक महामारी कोरोना से बचाने में बहुत मदद मिली है। भारत सरकार द्वारा जो भी गाइडलाइन लाॅकडाउन के संदर्भ में बनती है, उसका आगे भी हमें अनुपालन करना चाहिए। उत्तर प्रदेश के 23 करोड़ लोगों के उत्तम स्वास्थ्य व सुरक्षित भविष्य के लिए यही सबसे उपयुक्त मार्ग है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 2 करोड़ 34 लाख किसानों को 2,000 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में देने की व्यवस्था हुई तथा 3 करोड़ 46 लाख से अधिक जनधन खाताधारक महिला लाभार्थी इससे लाभान्वित हुईं, जिन्हें 500 रुपये उनके बैंक अकाउंट में उपलब्ध हुए हैं।
उत्तर प्रदेश में निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने और श्रमिकों को उनके माध्यम से रोजगार मुहैया कराने के लिए उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। लॉकडाउन के कारण शिक्षण संस्थाओं के बंद होने से छात्रों की पढ़ाई न प्रभावित हो, इसलिए सरकार का जोर ऑनलाइन शिक्षण पर ज्यादा है। बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक और व्यावसायिक शिक्षा में पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन करने और छात्रों को मुहैया कराने के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है।
वहीं, राजस्व की आपूर्ति कैसे निरंतर बनी रहे, इसे सुनिश्चित करने के लिए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही की अध्यक्षता में कमेटी है। यह कमेटी तय करेगी कि प्रदेश में गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई ठीक से हो। कमेटी यह भी सुनिश्चित करेगी कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दाम पर अपनी फसल न बेचनी पड़े।
वहीं, कोरोना संक्रमण की रोकथाम और मेडिकल स्टाफ को इससे बचाते हुए इमरजेंसी मेडिकल सेवाओं को आगे बढ़ाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है । यह कमेटी देखेगी कि सरकारी और निजी क्षेत्र के अस्पतालों में गंभीर मरीजों को डायलिसिस, कीमोथेरेपी, रेडियोथैरेपी की सेवाएं कैसे मुहैया कराई जा सकती हैं। हृदय रोग और न्यूरोलॉजी के गंभीर मरीजों को भी कैसे इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। बढ़ती गर्मी के मद्देनजर प्रदेश में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जलशक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह की अध्यक्षता में कमेटी काम करेगी।

Trending News