कोरोना कहर: यूपी में 35 लाख मजदूरों को 1000 रुपये का भत्ता मिलेगा : मुख्यमंत्री योगी

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संवाददाता मनोज कुमार राजौरिया :  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार तत्काल प्रभाव से 35 लाख मजदूरों को भरण-पोषण के लिए 1000 रुपये प्रति व्यक्ति देगी। यह भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे अकाउंट में भेजा जाएगा। उन्होंने मनरेगा मजदूरों को तुरंत भुगतान देने का ऐलान किया है। इसी के साथ ही उन्होंने 1.65 करोड़ से ज्यादा अन्त्योदय योजना, मनरेगा और श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं दिहाड़ी मजदूरों को एक माह का निशुल्क राशन अप्रैल में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना के कारण कारोबार में सुस्ती का असर दिन प्रतिदिन आजीविका कमाने वाले लोगों पर भी पड़ रहा है। इसके लिए सरकार ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर दिहाड़ी मजदूरों के लिए प्रदेश सरकार ने भरण-भोषण के भत्ते की मंजूरी दी है। प्रदेश के अंदर श्रम विभाग में 20.37 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। भरण पोषण के रूप में एक हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा जाएगा। जिन श्रमिकों के खाते नहीं है, उनके खाते यथाशीघ्र खुलवाकर विभाग में लेबर सेस फंड से सभी श्रमिकों को प्रतिमाह 1000 रुपये डीटीबीटी के माध्यम से उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश के अंदर घुमन्तू जैसे ठेला, खोमचा, रेहड़ी और रिक्शा चलाने, साप्ताहिक बाजार आदि का कार्य करने वालों की संख्या करीब 15 लाख है। इनके लिए भी सरकार एक हजार रुपये भरण पोषण तत्काल देगी। इसे भी डीबीटी के माध्यम से उनके अकाउंट में भेजा जाएगा। इनका डेटाबेस नगर विकास द्वारा अगले 15 दिनों में तैयार किया जाएगा। एसे सभी श्रमिकों के खातों में प्रतिमाह 1000 रुपए की धनराशि हस्तान्तरित की जाएगी। इस पर सरकार का करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि शहरी क्षेत्र में ऐसे दिहाड़ी मजदूर जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे। प्रदेश में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जो भी कार्य करने वाले लोग खासतौर पर मजदूर या ठेला, खोमचा लगाने वालों को तत्काल खाद्यान्न उपलब्ध करवाने के आदेश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, माल, सिनेमाहाल, मल्टीप्लेक्स, जिम, स्वीमिंग पूल, रेस्टोरेंट आदि बंद है। इसके कारण प्रभावित श्रमिकों और कार्मिकों के हित के दृष्टिगत बंद इकाइयों के स्वामियों औऱ नियोजकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने श्रमिकों और कार्मिकों को नियमित वेतन और सभुगतान अवकाश प्रदान करें।
मुख्यमंत्री योगी ने मनरेगा के मजदूरों को तत्काल मजदूरी का भुगतान करने के निर्देश देते हुए कहा है कि केंद्र सरकार से करीब 556 करोड़ रुपए की धनराशि के भुगतान की कार्यवाही तत्काल मार्च 2020 में ही कराई जाएगी। इसी के साथ उन्होंने अन्त्योदय योजना, मनरेगा और श्रमि विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक एवं दिहाड़ी मजदूरों करीब 1 करोड़ 65 लाख 31 हजार जरूरतमंदों को एक माह का निशुल्क राशन अप्रैल में उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। इस पर करीब 64.50 करोड़ का व्ययभार आएगा। पीडीएस दुकानों के जरिए अनाज दिया जाएगा। इसके लिए नोडल अफसर तैनात किए गए हैं। इन परिवारों को 20 किलो गेहूं, 15 किलो चावल मुफ्त मिलेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि इसके बाद भी अगर कोई असहाय व्यक्ति बच जाता है, जिसके पास अपने व अपने परिवार के भरण पोषण की व्यवस्था नहीं है, उसकी भी सरकार पूरी मदद करेगी। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी की समिति तथा नगरीय क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट व संबंधित नगर निकायों के आयुक्त व अधिशासी अधिकारी की समिति की संस्तुति पर 1000 रुपए प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई।

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