संवाददाता मोहन सिंह बेतिया
नगर थाना क्षेत्र के बंगाली काॅलोनी स्थित बेलबाग चौक पर सैकड़ों आक्रोशित लोगों ने उदय देवनाथ के शव के साथ सड़क जाम कर आगजनी किया। जिससे घंटो मार्ग अवरूद्ध रहा। प्रदर्शनकारी मौत के दोषी आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजा की मांग कर रहे थे। वहीं घटनास्थल पर दो थानों की भारी पुलिस बल दंडाधिकारी के साथ पहुंच कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करते हुए आक्रोशित लोगों को समझाने में लगे रहें।
घटना के संबंध में स्थानीय लोगों ने बताया कि 9 अक्टूबर के रात्रि 9 बजे राहुल कुमार उर्फ रामक्षत्रि एवं लेदर फैक्ट्री के नीडू सिंह दो चुनावी प्रत्याशी व समर्थकों के बीच मारपीट की घटना हुई। जिसके पश्चात 10 अक्टूबर के सुबह काॅलोनी के ही एक घर में पंचायती हुई। जहाँ पंचायती में राहुल कुमार उर्फ रामक्षत्रि के मित्र बेलबाग के ही उदय देवनाथ उम्र 45 वर्ष को भी बुलाया गया। जहाँ पंचायती के दरम्यान कुछ बात ज्यादा बढ़ गई और मारपीट के साथ धमकी तक उदय देवनाथ को विरोधी गुट ने दे दिया। जिसके पश्चात धमकी व मारपीट में उदय देवनाथ की स्थिति अचानक खराब हो गई। जिसे आनन फानन में जीएमसीएच में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। जहाँ उसके बिगड़ती स्थिति के बाद 10 अक्टूबर के रात 9 बजे जीएमसीएच के द्वारा रेफर कर दिया गया। जिसके उपरांत परिजनों ने उसे रहमानिया हाॅस्पिटल, मोतिहारी में भर्ती कराया। जहाँ 11 अक्टूबर के सुबह 10 बजे उसकी मौत हो गई।
मौत की सूचना जैसे ही काॅलोनी में आई स्थानीय लोग आक्रोशित होकर उग्र हो गए। और जब शव बेतिया पहुंचा तो सभी ने सैकड़ों की संख्या में जुटकर सड़क जाम कर आगजनी कर दोषियों पर कार्यवाही करते हुए एवं पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग करने लगे। जिसके उपरांत नगर थाना और मुफ्फसिल थाना के प्रभारी पूरे दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंच कर लोगों को नियंत्रित कर कार्यवाही का आश्वासन दिया। तब जाकर काफी मशक्कत के बाद सड़क के जाम को हटाया गया।
मृतक उदय देवनाथ के परिवार में पत्नी और एक लगभग 14 वर्ष की बेटी है। उदय देवनाथ के घर में ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की रिपेयरिंग की दुकान थी और उसी से अपने परिवार का भरण पोषण करता था। उसके मौत के पश्चात उसके पत्नी और बेटी के सामने रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है।
हालांकि स्थानीय सूत्रों ने बताया कि इस पूरे घटना प्रकरण में डिजिटल एक नंबरी लाॅटरी और शराब की बिक्री मुख्य वजह है जिसके कारण मारपीट की घटना हुई। साथ ही जो इन धंधों में संलिप्त है उनकी पुलिस से अच्छी सम्पर्क भी है जिसके कारण कार्यवाही में कोताही भी बरती जा सकती है। काॅलोनी के लोग शराब की सूचना देते हैं पर कारोबारियों का प्रभाव अधिक होने के कारण शिकायतें अपना दम तोड़ देती हैं। ऐसे में उदय देवनाथ की मौत का इंसाफ मिलेगा या नहीं यह प्रश्न वाचक बना हुआ है।