Etawah News: भाजपा ने सत्ता खोने के डर से तीनों कृषि कानून वापस लिए: अखिलेश यादव

IMG-20211213-WA0029
Share News

आशीष कुमार
इटावा:विकास खंड सैफई समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के रास्ते से अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत करने के दौरान अखिलेश ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। अखिलेश यादव ने सैफई में कहा कि भाजपा ने उत्तर-प्रदेश और पंजाब चुनाव को ध्यान में रखकर तीनों कृषि कानून वापस लिए हैं। भाजपा के लिए किसान नहीं बल्कि वोट महत्वपूर्ण हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि इस बार प्रदेश की जनता भाजपा की सरकार को उखाड़ फेंकेगी। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार आने पर आंदोलन में शहीद किसानों के परिवारों को 25 लाख रुपए देगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव रविवार रात में अपने पैतृक गांव सैफई पहुंचे थे। सोमवार सुबह उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा को यदि किसानों से हमदर्दी होती तो यह आंदोलन इतना लंबा नहीं चलता, जिसकी वजह से 700 किसानों की मौत हो गई। भाजपा सरकार सिखों और किसानों से डर गई। इसकी वजह से कृषि कानून वापस लिए गए। सपा सरकार में सबसे ज्यादा विकास हुआ। भाजपा देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने का दावा करती है। इस हिसाब से तो सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। वह चाहे तो किसानों की करोड़ों रुपए की मदद कर सकती है।

सैफई में दावा करते हुए अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में विकास के खोखले दावे नहीं किए हैं। ऐसा आरोप लगाने वाले ये देख लें कि एक हजार करोड़ से उन्होंने देश का सबसे अच्छा पुलिस मुख्यालय बनवाया है। जिसमें अभी हाल ही में डीजीपी सम्मेलन हुआ था। सभी डीजीपी हमारे विकास कार्य की प्रशंसा करके गए हैं। इसके अलावा हमने डायल 100 पर दो हजार करोड़ रुपये खर्च किए। अखिलेश बोले भाजपा में आपसी कलह बढ़ी। क्या हम जनता की सुरक्षा पर खर्च न करके इधर-उधर खर्च करते। मुफ्त राशन वितरण योजना पर उन्होंने कहा कि गरीब को सिर्फ राशन मिलना ही काफी नहीं है बल्कि महत्वपूर्ण यह भी है कि उन्हें पौष्टिक भोजन मिले। उन्होंने कहा कि जब उत्तर-प्रदेश में सूखे की मार पड़ी थी तो उन्होंने किसानों को सरसों का तेल और घी भी दिया था। अखिलेश यादव ने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हालिया बयानों के बारे में कहा कि भाजपा में आपसी कलह की वजह से कुछ लोगों की भाषा बदल गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर इटावा के विकास में भेदभाव बरतने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिले की तमाम योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। सभी विकास कार्य रोक दिए गए हैं। जेल का उद्घाटन हो चुका है। लेकिन अभी तक वह शुरू नहीं हो सकी है। अखिलेश यादव ने कहा कि स्पोर्ट्स स्टेडियम बिहारी वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे उस समय मुलायम सिंह ने यहां पर खेल का इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के लिए कई काम कराए। इसमें हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ बिछाने का काम हो, चाहे एथलेटिक्स के लिए मैदान हो। आज यहां सबसे अच्छा रनिंग ट्रैक है। उसके बाद भी सरकार इस तरफ ध्यान नहीं दे रही। जिससे यह सब बर्बाद हो रहे हैं और अधूरे पड़े हैं। उन्होंने कहा कि आज तक एटा का बिजली कारखाना शुरू नहीं हो पाया है।

You may have missed