संवाददाता सुशील चंद्रा
बाह: देश महामारी के दौर से गुजर रहा है।ऐसे में सरकार देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर बनाये रखने और लोगों के जीवन को बचाने के लिए प्रयास कर रही है।सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट तक सरकार से लोगों की सुरक्षा और जीवन को बचाने के लिए गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश जारी कर चुकी हैं।जिला प्रशासन भी हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कराने के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दे चुका है कि कड़ाई के साथ कोरोना गाइड लाइन का पालन कराकर संक्रमण को रोका जा सकता है।

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लेकिन पिछले कुछ दिनों से कस्बा और ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण ने रफ्तार पकड़ ली है।जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह भी जिला के हालातों पर दिन रात नजर रखे हुए हैं फिर भी कुछ मुनाफाखोरों के कारण देहात में अनावश्यक भीड़भाड़ देखने को मिल रही है।बाह में पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कस्बा के दुकानदारों के अनावश्यक भीड़ बढाने और गैर जरूरी दुकानों को खोल कर बिक्री करने के मामले उजागर हो रहे हैं लेकिन उपजिलाधिकारी बाह इन सब खबरों से अनजान बने हुए हैं जबकि दुकानदारों की लगातार समाचार पत्रों और मीडिया में फोटो और वीडियो वायरल हो रहे हैं।

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हालांकि पुलिस द्वारा कुछ दुकानदारों के खिलाफ नोटिस भी जारी किए गए लेकिन इन लोगों ने नोटिस फाड़ कर फेंक दिए और अनवरत दुकानें खोल कर जिला प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे हैं।
पुलिस अपना रही दोहरा रवैया:
कस्बा में पुलिस के दोहरे मापदंड को लेकर भी छोटे छोटे दुकानदारों और ठेल ढकेल वालों में चर्चा है कुछ लोगों का कहना है कि स्थानीय पुलिस बड़े बड़े दुकानदारों पर कार्यवाही नहीं कर पा रही है जिसकी खीज छोटे छोटे ठेल ढकेल वालों पर कार्यवाही कर निकाल रही है।क्योंकि छोटे दुकानदारों की न तो कोई सिफारिश करने वाला है और न ही वे इसमें सक्षम हैं।

जबकि बड़े दुकानदार सुबह से शाम तक डंके की चोट पर बिक्री करते हैं और पुलिस उनको देख कर भी अनदेखा कर देती है।
आपदा को अवसर में बदल रहे हैं कस्बा के दुकानदार:
ऐसे समय मे जब हर ओर परिस्थितियां विपरीत हैं तब कस्बा के दुकानदारों की बल्ले बल्ले हो रही है।कुछ दुकानदार दबी जुबान बताते हैं कि इस महामारी को कैश करना है और पिछले लॉक डाउन की तरह इस बार भी समान की मन मुताबिक कीमत बसूलनी है।ये कमाई के अवसर बार बार नहीं मिलते।वहीं कुछ दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमे भी ऊपर पैसा देना पड़ता है तो इसे निकालने के लिए ग्राहकों से ही अतिरिक्त मुनाफा लेना पड़ता है।
समाचार पत्र में लगातार गैर जरूरी दुकानें खुलने के मामले प्रकाशित होने के बाद भी पुलिस बनी पंगु:
समाचार पत्रों और मीडिया में गैर जरूरी दुकानें खुलने का मामला कई दिनों से लगातार दिखाया जा रहा है जिसमें दुकानदारों के लॉक डाउन उल्लंघन करने,बाजार में अनावश्यक भीड़ इकठ्ठा करने की तस्वीरें हैं।

लेकिन इन दुकानदारों पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी है।जहाँ आगरा में पिछले दिनों पुलिस द्वारा एक जरूरी सामान की दुकान स्वामी पर कड़ी कार्यवाही करने के मामले ने तूल पकड़ा था लेकिन बाह में गैर जरूरी सामान की दुकानों को पुलिस बंद कराने में फैल साबित हो रही है।