संवाददाता महेश कुमार
इटावा: इतिहास में 15 अक्टूबर का दिन भारत के मिसाइल और परमाणु हथियार कार्यक्रम को फौलादी और अभेद बनाने वाले पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम के जन्मदिन के तौर पर दर्ज है। बेहद सहज और सरल व्यक्तित्व वाले मृदुभाषी कलाम की रहनुमाई में रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन ने सबसे घातक और मारक हथियार प्रणालियों का देश में ही विकास किया. डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंति के जन्मदिन को दुनिया में वर्ल्ड स्टूडेंट डे के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर अब्दुल कलाम वेलफेयर सोसाइटी ने साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर जूनियर स्तर के बच्चों ने 500 शब्दों का अनुच्छेद लेखन किया। बहुजन समाज पार्टी के वीरू भदौरिया ने डॉ. कलाम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अनुकरणीय बताया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जी के जीवन पर प्रकाश डालकर लोगों को उनके संघर्ष के बारे में बताया, वहीं वसीम चौधरी जी ने बच्चो से अच्छी शिक्षा को ग्रहण करने को कहा एवं आपसी भाईचारे को बनाये रखने पर जोर दिया, सुनील यादव जी ने बच्चो को अपने भारत देश की महानता और लोकतंत्र की ताकत के बारे में बताया ।
वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में डॉ. कलाम का जन्मदिन मनाया गया। पुरस्कार समारोह में डॉ. कलाम के जीवन पर आधारित साहित्य की प्रदर्शनी भी लगाई गई तथा प्रोेजेक्टर के माध्यम से उनके लेक्चर सुनवाए गए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के रूप में प्रसपा से सुनील यादव , बसपा से वीरू भदौरिया, आप से ऋचा कुशवाहा एवं इक़रार व वसीम चौधरी जी सम्मिलित हुए।