Agra News :आगरा में निष्क्रांत संपत्ति पर अवैध कब्जों की जांच के लिए डीएम ने बनाई कमेटी
आगरा। शहर की बेशकीमती निष्क्रांत संपत्तियों पर कथित अवैध कब्जों को लेकर पूर्व पार्षद कपिल बाजपेई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आगरा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को संबंधित दस्तावेज सौंपते हुए सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज निष्क्रांत संपत्तियों को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, बाघ फरजाना, मौजा सरजैपुर स्थित खसरा संख्या 519, 457 और 459 से संबंधित दस्तावेज जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि उक्त भूमि सरकारी अभिलेखों में निष्क्रांत संपत्ति के रूप में दर्ज है, इसके बावजूद जमीन के कुछ हिस्सों पर प्रभावशाली लोगों द्वारा कथित रूप से कब्जा किया गया है।

कपिल बाजपेई ने आरोप लगाया कि इन संपत्तियों पर कब्जे के लिए कथित तौर पर फर्जी और गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संपत्ति को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक, जिलाधिकारी आगरा मनीष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संपत्ति की जांच के लिए जांच टीम गठित करने की बात कही। साथ ही प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया गया कि जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और सरकारी संपत्ति को कब्जामुक्त कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
कपिल बाजपेई ने कहा कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे का मामला गरीब और आम लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति ने नियमों को ताक पर रखकर सरकारी जमीन पर कब्जा किया है तो उसके खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के बाद निष्क्रांत संपत्ति से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी और सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
प्रतिनिधिमंडल में कपिल बाजपेई के साथ अनिल शर्मा, राजकुमार चौधरी, सरवन सिंह, नरेश दीक्षित, रामसेवक धाकरे, बिट्टू पंडित सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नोट: खसरा संख्या और भूमि की स्थिति से संबंधित दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच एवं राजस्व अभिलेखों के आधार पर होगी।