संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, बेतिया में आवासित लगभग 5 माह की बालिका सृष्टि सुमंगला को जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह द्वारा दत्तक ग्रहण आदेश जारी किए जाने के बाद अडॉप्शन रेगुलेशन के तहत पुणे (महाराष्ट्र) के एक दंपति को विधिवत एवं कानूनी रूप से गोद सौंपा गया।
बालिका को गोद मिलने के बाद दत्तक माता-पिता की आंखें खुशी के आंसुओं से भर गईं। विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान, बेतिया से अब तक 49 बच्चों का कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण कराया जा चुका है, जिनमें 19 बालक एवं 30 बालिकाएं शामिल हैं।

इस अवसर पर सहायक निदेशक दिलीप कुमार कामत, बाल संरक्षण पदाधिकारी अजय पासवान, सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री मुक्ता कुमारी, नर्स श्रीमती वीणा कुमारी सहित संस्थान के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कानूनी रूप से दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया
अधिकारियों ने बताया कि दत्तक ग्रहण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी है। इच्छुक दत्तक अभिभावक केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) के पोर्टल पर पंजीकरण कर गोद लेने की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर, पैन कार्ड और ई-मेल आईडी आवश्यक होती है।
इसके बाद निकटतम विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान द्वारा दत्तक अभिभावकों की होम स्टडी रिपोर्ट (Home Study Report) तैयार की जाती है। CARA पोर्टल पर अभिभावक अपनी पात्रता (Eligibility) की भी जांच कर सकते हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि CARA की निर्धारित प्रक्रिया के अतिरिक्त किसी व्यक्ति, अस्पताल या नर्सिंग होम से बच्चा गोद लेना गैरकानूनी है। दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के तहत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा जिला पदाधिकारी अथवा अपर समाहर्ता के समक्ष वाद दायर किया जाता है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा दत्तक ग्रहण आदेश जारी होने के बाद ही गोद देने की प्रक्रिया पूर्ण होती है।
दत्तक ग्रहण के बाद भी CARA की ओर से दो वर्षों तक नियमित फॉलो-अप किया जाता है, ताकि बच्चे के पालन-पोषण एवं समुचित देखभाल की निगरानी सुनिश्चित