संवाददाता: मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण।
समाज कल्याण विभाग, बिहार द्वारा संचालित विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को नियमित रूप से पेंशन राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के लिए समय पर जीवन प्रमाणीकरण (Life Certificate) कराना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि संबंधित पेंशनधारी जीवित हैं, जिससे उनकी पेंशन का भुगतान बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी सौरभ आलोक ने बताया कि जीवन प्रमाणीकरण आधार आधारित डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें पेंशनधारी बायोमेट्रिक माध्यम (अंगूठे के निशान अथवा आईरिस स्कैन) से अपना प्रमाणीकरण करा सकते हैं। वर्तमान में यह सुविधा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह के निर्देश पर इस प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं सुलभ बनाने के उद्देश्य से अब ग्राम पंचायत स्तर पर ही निःशुल्क जीवन प्रमाणीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए सभी ग्राम पंचायतों के कार्यपालक सहायकों को आवश्यक आईडी उपलब्ध करा दी गई है।
इस व्यवस्था से पेंशनधारियों को जीवन प्रमाणीकरण के लिए दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी कार्यपालक सहायकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने पंचायत क्षेत्र के लंबित सभी पेंशनधारियों का शत-प्रतिशत जीवन प्रमाणीकरण सुनिश्चित करें। साथ ही, जिन पेंशनधारियों का निधन हो चुका है, उन्हें अनिवार्य रूप से चिन्हित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत कार्यालयों में जीवन प्रमाणीकरण के अलावा जन्म एवं मृत्यु प्रमाण-पत्र, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड सहित अन्य जनकल्याणकारी सेवाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास मित्र, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, किसान सलाहकार तथा राजस्व कर्मचारी सहित पंचायत स्तरीय सभी कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस सुविधा का व्यापक प्रचार-प्रसार करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र पेंशनधारी इसका लाभ उठा सकें। वहीं, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित जीवन प्रमाणीकरण कार्य की नियमित निगरानी एवं अनुश्रवण करने के निर्देश दिए गए हैं।