ब्यूरो संवाददाता
इटावा: लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद इटावा जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर के नवीन सभागार में जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त अध्यक्षता में जनपद के कोचिंग संस्थान संचालकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सभी कोचिंग संचालकों को निर्देशित किया गया कि संस्थानों में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध हों, उनकी नियमित जांच कराई जाए तथा विद्युत व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रखी जाए। साथ ही आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुले एवं अवरोधमुक्त रहें और किसी भी आपदा से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हों।
अधिकारियों ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को समय-समय पर अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने तथा नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने पर भी जोर दिया, ताकि आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी एवं एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संस्थान संचालकों से प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय बनाकर नियमों का गंभीरता से पालन करने की अपील की गई।
बैठक के अंत में लखनऊ अग्निकांड में जान गंवाने वाले बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया तथा दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई।