संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली।
प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित तीन दिवसीय प्रखंड सहयोग-सह-जन कल्याण शिविर के अंतिम दिन गुरुवार को कई विभागों के अधिकारी और कर्मी अनुपस्थित नजर आए। इससे विभिन्न समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे ग्रामीणों को निराश होकर लौटना पड़ा।

सरकार की ओर से दावा किया गया था कि इस शिविर के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा। हालांकि शिविर के अंतिम दिन दोपहर करीब एक बजे का दृश्य इन दावों के विपरीत दिखाई दिया। शिविर स्थल पर लगाए गए टेंट और कुर्सियां लगभग खाली थीं तथा कई विभागों के काउंटरों पर संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं थे।
अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंचे ग्रामीण अधिकारियों की अनुपस्थिति से परेशान दिखे। भलुई पंचायत के भुला राय, बबलू साह एवं चंदन कुमार साह भूमि संबंधी मामलों के निस्तारण के लिए शिविर पहुंचे थे, लेकिन भूमि एवं राजस्व विभाग का काउंटर खाली मिला। वहीं छात्रवृत्ति योजना से संबंधित समस्या लेकर पहुंचे छात्र परविंदर कुमार को भी कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिला।
ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी प्रचार-प्रसार और घोषणाओं के आधार पर वे अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से कुछ एएनएम दवा वितरण कार्य में लगी हुई थीं। इसके अलावा जीविका कार्यालय के कुछ कर्मी भी मौजूद थे। हालांकि अधिकांश प्रमुख विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण शिविर का उद्देश्य प्रभावित होता दिखाई दिया।
उल्लेखनीय है कि शिविर के प्रचार-प्रसार में दावा किया गया था कि नागरिकों को आवेदन, निबंधन, सत्यापन, ई-केवाईसी तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। लेकिन कई विभागों की अनुपस्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने नाराजगी व्यक्त की और आयोजन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए।
इस संबंध में पूछे जाने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि वे जिला मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने गए थे। उन्होंने कहा कि प्रखंड कार्यालय से उन्हें जो तस्वीरें भेजी गई हैं, उनमें विभिन्न विभागों के काउंटरों पर संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित दिखाई दे रहे हैं।
शिविर में अधिकारियों की उपस्थिति और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।