संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
महुआ, वैशाली।
ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी, वैशाली के तत्वावधान में रविवार को राधा-कृष्ण मैरिज हॉल, पातेपुर रोड, महुआ में “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विकल्प : जन शिक्षा नीति 2026” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी के बिहार चैप्टर के राज्य सचिव रामप्रीत राय ने कहा कि शिक्षा बजट बढ़ाए बिना देश में शिक्षा सुधार की बात करना बेईमानी है। उन्होंने कहा कि जो देश आज विकास की ऊंचाइयों पर हैं, उन्होंने शिक्षा पर सर्वाधिक निवेश किया है। उन्होंने जन शिक्षा नीति 2026 की सराहना करते हुए सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।
निराशु नारायण महाविद्यालय के प्रोफेसर अरुण कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का निजीकरण भारत जैसे गरीब देश के लिए अभिशाप है, जहां बड़ी आबादी शिक्षा पर न्यूनतम खर्च करने की स्थिति में भी नहीं है।
अधिवक्ता सुरेश प्रसाद सिंह ने कहा कि वर्तमान समय विद्यार्थियों के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 को शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण, सांप्रदायीकरण एवं केंद्रीकरण को बढ़ावा देने वाली नीति बताया।
अधिवक्ता विजेंद्र कुमार ने कहा कि शिक्षा सबके लिए सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से गरीबों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यशाला के विशिष्ट अतिथि एवं आईआईटी मद्रास के पूर्व प्राध्यापक प्रोफेसर डॉ. शांतनु राय ने कहा कि प्राचीन भारत में ज्ञान का अभूतपूर्व विकास हुआ था, लेकिन तथाकथित भारतीय ज्ञान प्रणाली को आधुनिक विज्ञान के समकक्ष प्रस्तुत करने से वैज्ञानिक दृष्टिकोण और साक्ष्य आधारित अध्ययन कमजोर हो सकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी ज्ञान को पाठ्यक्रम में शामिल करने से पूर्व उसकी वैज्ञानिक एवं अकादमिक समीक्षा आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ऐसे समय में लागू की गई, जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी तथा देश के शिक्षाविदों से पर्याप्त सुझाव और राय नहीं ली गई थी। इसी कारण ऑल इंडिया सेव एजुकेशन कमिटी ने देशभर के शिक्षकों, शिक्षाविदों, प्रोफेसरों और शिक्षा प्रेमियों से सुझाव प्राप्त कर जन संवाद के माध्यम से जन शिक्षा नीति 2026 तैयार की है। इस नीति को लागू कराने के लिए समिति पूरे देश में अभियान चला रही है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में वेद प्रकाश पटेल ने कहा कि जन शिक्षा नीति 2026 को लागू कराने के लिए व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा। इसके तहत पूरे राज्य में हस्ताक्षर अभियान चलाकर 26 सितंबर 2026 को राज्यपाल के समक्ष प्रदर्शन करते हुए हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष पंकज कुशवाहा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यशाला में सामाजिक कार्यकर्ता रघुनाथ पासवान, विकास कुमार, सनी कुमार, पंकज कुमार सहित अनेक प्रतिनिधियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर बिट्टू कुमार, सुधीर कुमार, पिंटू कुमार, नितेश कुमार, अखिलेश कुमार, ललित दास, सकिंदर कुमार, अवधेश कुमार, इंद्रदेव राय, प्रकाश कुमार, विक्की कुमार, विवेक कुमार, गौतम कुमार, रंजन कुमार, टुनटुन कुमार, भूषण कुमार, दिनेश कुमार राय, नरेश कुमार, विपिन कुमार सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षा प्रेमी उपस्थित थे।