ब्यूरो संवाददाता
जसवंतनगर, 4 जून। शिक्षा, संस्कार और नैतिक मूल्यों के पर्याय रहे पूर्व शिक्षक समरथ सिंह का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन का समाचार मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे मूल रूप से निजामपुरा, बहादुरपुर के निवासी थे तथा पिछले लगभग 30 वर्षों से लुधपुरा, जसवंतनगर में निवास कर रहे थे।
समरथ सिंह ने अपने जीवन के लगभग 50 वर्ष शिक्षा के क्षेत्र को समर्पित किए। सरकारी एवं गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में उन्होंने एक कुशल, कर्तव्यनिष्ठ और आदर्श शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने न केवल विद्यार्थियों को पाठ्य ज्ञान दिया, बल्कि उन्हें ईमानदारी, नैतिकता, अनुशासन और मानवीय मूल्यों का पाठ पढ़ाकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले अनेक छात्र आज विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं।
सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में विशेष रुचि रखने वाले समरथ सिंह अपने सरल स्वभाव, मिलनसार व्यक्तित्व और समाज सेवा की भावना के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने अपने परिवार और समाज को सदैव संस्कारों और जिम्मेदारियों का महत्व समझाया।
पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे समरथ सिंह स्वयं को कमजोर महसूस कर रहे थे। अंततः 4 जून 2026 को उन्होंने जीवन की अंतिम सांस लेते हुए इस नश्वर संसार को अलविदा कह दिया।
उनके निधन से शिक्षा जगत एवं क्षेत्रीय समाज ने एक ऐसे मार्गदर्शक, शिक्षक और संस्कारवान व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
भावभीनी श्रद्धांजलि।🕯️🙏
डॉ धर्मेन्द्र कुमार
जसवंत नगर
6398425895