संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर/वैशाली। कृषि विज्ञान केंद्र वैशाली में संतुलित उर्वरक उपयोग विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनिल कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में हुआ।
कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. कविता वर्मा, कृषि अभियंत्रण विशेषज्ञ इंजीनियर कुमारी नम्रता तथा उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जोना देखो ने किसान महिलाओं को संतुलित उर्वरक उपयोग के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरकों के प्रयोग से न केवल फसल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य में भी सुधार आता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि किसानों को केवल नाइट्रोजन (यूरिया) पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि फास्फोरस और पोटाश का भी उचित अनुपात में उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि संतुलित उर्वरक उपयोग से फसल की गुणवत्ता और उपज में 15 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि संभव है।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी कि उर्वरकों का प्रयोग हमेशा मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही करें, जिससे फसलों को सही मात्रा में पोषक तत्व मिल सकें और लागत भी नियंत्रित रहे।
इस कार्यक्रम में ठाठान बुजुर्ग, इस्लामपुर दामोदरपुर एवं बखरी बरई गांवों के किसान एवं किसान महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं और उन्होंने संतुलित उर्वरक उपयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।