संवाददाता मोहन सिंह
बेतिया/पश्चिमी चंपारण। स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी और भगत सिंह के साथी रहे बेतिया के पूर्व सांसद कमलनाथ तिवारी के वंशज को सम्मानित किया गया।
11 अप्रैल 2026 को कानपुर के मोती झील स्थित प्रमिला सभागार में क्रांति स्मृति संरक्षण समिति द्वारा आयोजित क्रांतिकारी सुरेंद्र पांडेय जयंती समारोह के दौरान उनके प्रपौत्र हरिअक्ष कमलनाथ को न्यायमूर्ति अनिल वर्मा द्वारा अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कानपुर की विधायिका ने कमलनाथ तिवारी के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं विशिष्ट अतिथि न्यायमूर्ति अनिल वर्मा ने उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को साझा किया।
उन्होंने बताया कि मुलैनीय डकैती के बाद कमलनाथ तिवारी को गिरफ्तार कर आगरा ले जाया जा रहा था, जिसके दौरान उन्हें कानपुर के रेलवे कारागार में रखा गया था। चूंकि वे क्रांतिकारी संगठन के महत्वपूर्ण सदस्य थे, इसलिए चंद्रशेखर आज़ाद उन्हें छुड़ाने के लिए कानपुर पहुंचे थे। हालांकि भारी पुलिस तैनाती के चलते योजना को स्थगित करना पड़ा, क्योंकि आज़ाद को आशंका थी कि किसी भी मुठभेड़ में तिवारी को नुकसान हो सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद अशफ़ाक़ुल्ला ख़ान के पौत्र (और हमनाम) अशफाकुल्ला खान ने कहा कि कमलनाथ तिवारी का जीवन संघर्ष और त्याग हम सभी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बताया कि तिवारी ने बॉस्टन और लाहौर जेल में भूख हड़ताल के दौरान भगत सिंह का साथ दिया था और काला पानी में बटुकेश्वर दत्त के साथ पुनः अनशन का नेतृत्व किया था।
आजादी के बाद अपने संसदीय जीवन में भी कमलनाथ तिवारी ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसे आज भी याद किया जाता है।