Etawah News : भागवत कथा: सुखदेव जन्म व सती चरित्र का भावपूर्ण वर्णन, श्रद्धालु भाव-विभोर

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संवाददाता: मनोज कुमार
जसवंतनगर/इटावा :  क्षेत्र अंतर्गत बलरई गांव के मोहल्ला विकास नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान कन्नौज से पधारे व्यास आचार्य ब्रजेश कुमार द्विवेदी ने सुखदेव जन्म और सती चरित्र का अत्यंत भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

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व्यास आचार्य ने सुखदेव जी के जन्म प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि वे महर्षि वेदव्यास के पुत्र थे, जिन्होंने जन्म लेते ही सांसारिक मोह-माया का त्याग कर वन की ओर प्रस्थान कर दिया। उनका जीवन वैराग्य, ज्ञान और भक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुखदेव जी ने राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाकर उन्हें मोक्ष का मार्ग दिखाया, जो आज भी मानव जीवन के लिए प्रेरणास्रोत है।

सती चरित्र का वर्णन करते हुए व्यास जी ने बताया कि माता सती ने अपने पिता दक्ष द्वारा भगवान शिव का अपमान सहन न कर यज्ञ कुंड में आत्माहुति दे दी। यह प्रसंग आत्मसम्मान, निष्ठा और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि सती का त्याग और समर्पण धर्म और मर्यादा का प्रतीक है।

अपने प्रवचन में व्यास आचार्य ने कहा कि मनुष्य जीवन में अनजाने में कई पाप हो जाते हैं, लेकिन श्रद्धा और भक्ति से कथा श्रवण करने पर अंत:करण शुद्ध होता है और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सद्बुद्धि प्राप्त करने का सशक्त माध्यम है।

इस धार्मिक आयोजन में परीक्षित की भूमिका मुकेश पाठक एवं उनकी पत्नी बीना पाठक निभा रहे हैं, जबकि यज्ञपति के रूप में योगेश कुमार पाठक, बृजेश कुमार पाठक, राकेश कुमार पाठक, विवेक पाठक, विपुल पाठक और आरती पाठक सहयोग कर रहे हैं।

आयोजक मुकेश पाठक ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में कथा में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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