संवाददाता: राजेंद्र कुमार
हाजीपुर / वैशाली
वैशाली जिले में जिला पदाधिकारी श्रीमती वर्षा सिंह की अध्यक्षता में विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया, जिसमें नल-जल योजना, सोलराइजेशन अभियान, जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव तथा फसल कटनी प्रयोग जैसे विषयों पर अहम निर्णय लिए गए।

नल-जल योजना को पूरी तरह चालू करने के निर्देश
हाजीपुर स्थित बीआईसीए सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने नल-जल योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना को हर हाल में पूर्णतः क्रियाशील बनाया जाए। खराब चापाकलों की मरम्मत के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक-एक वाहन की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि PHED द्वारा छूटे हुए टोले का कार्य 30 अप्रैल तक और PRD वार्ड का कार्य 31 मई तक पूरा किया जाए। साथ ही पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत और बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने के निर्देश भी दिए गए।
सभी पंचायतों में सोलराइजेशन अभियान तेज
डीएम वर्षा सिंह ने “प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना” के तहत जिले की सभी 278 पंचायतों में मिशन मोड में सोलराइजेशन कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे लोगों को योजना के प्रति जागरूक करें और अधिक से अधिक परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ें। बैठक में सोलर प्लांट पर मिलने वाली सब्सिडी, पात्रता और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैंकों को भी निर्देश दिया गया कि ऋण स्वीकृति में किसी प्रकार की देरी न हो।
अविश्वास प्रस्ताव के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी
जिला परिषद अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर 13 अप्रैल 2026 को जिला परिषद सभाकक्ष में गुप्त मतदान कराया जाएगा।
डीएम के निर्देश पर सुरक्षा, वीडियोग्राफी, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। केवल अधिकृत सदस्यों को ही प्रवेश की अनुमति होगी और पहचान पत्र अनिवार्य रहेगा।
पूरे कार्यक्रम की निगरानी के लिए दंडाधिकारी, पुलिस बल, एम्बुलेंस और अग्निशमन वाहन की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है।
गेहूं फसल कटनी प्रयोग का निरीक्षण
इसी क्रम में डीएम ने दौलतपुर देवरिया पंचायत में गेहूं फसल कटनी प्रयोग का निरीक्षण किया।
रैंडम प्लॉट (10×5 मीटर) में किए गए प्रयोग में 17.1 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई, जिससे औसत उत्पादन 34.20 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आंका गया।
डीएम ने निर्देश दिया कि सभी कटनी प्रयोग पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि किसानों को फसल सहायता योजना का लाभ सही तरीके से मिल सके।