ब्यूरो संवाददाता
इटावा। जिले के सैफई उपखंड के फीडर महोला क्षेत्र में बिजली कनेक्शन देने में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय आवेदकों का कहना है कि अवर अभियंता (JE) राजेंद्र प्रसार और संबंधित अधिकारी न तो मौके पर जाकर सर्वे करते हैं और न ही वास्तविक स्थिति की जांच करते हैं, इसके बावजूद आवेदनों को निरस्त किया जा रहा है।
आवेदकों के अनुसार, उन्होंने फरवरी 2026 में ही बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर दिए थे, लेकिन उन्हें 18 मार्च 2026 के शासनादेश (GO) का हवाला देकर टाल दिया जा रहा है। जबकि नियमानुसार पुराने आवेदनों का निस्तारण पूर्व प्रावधानों के अनुसार किया जाना चाहिए।
‘अविद्युतीकरण कॉलोनी’ का बहाना
स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग द्वारा क्षेत्र को “अविद्युतीकरण कॉलोनी” बताकर कनेक्शन देने से बचा जा रहा है, जबकि वहां पहले से बिजली के पोल, लाइन और अन्य घरों में कनेक्शन मौजूद हैं।
बिना सर्वे के आवेदन निरस्त
सबसे गंभीर आरोप यह है कि JE और अन्य अधिकारी मौके पर सर्वे करने तक नहीं जाते, फिर भी आवेदनों को खारिज कर दिया जाता है। इससे आवेदकों को भारी परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान
आवेदकों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत विभाग के सभी उच्च अधिकारियों (आई,जी.आर.एस., जिला अधिकारी, अधिशाषी अभियंता, उप खंड अभियंता आदि ) से की है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक किसी भी अधिकारी द्वारा उन्हें बिजली कनेक्शन उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे उपभोक्ताओं में गहरी नाराजगी व्याप्त है।
आवेदकों में बढ़ता आक्रोश
लगातार हो रही अनदेखी और मनमानी के चलते क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि उन्हें बार-बार विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल रहा।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, सभी लंबित आवेदनों का नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से निस्तारण करने की अपील की गई है।