संवाददाता: राजेन्द्र कुमार
राजापाकर (वैशाली)
राजापाकर । वैशाली जिले के राजापाकर उत्तरी पंचायत अंतर्गत भाथादासी ग्राम में उद्योग विभाग द्वारा आयोजित 50 दिवसीय सिक्की कला प्रशिक्षण शिविर का समापन समारोह आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के सौजन्य से संचालित डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट वर्कशॉप के तहत किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक मुन्नी देवी द्वारा 30 महिलाओं को समूह बनाकर सिक्की कला का प्रशिक्षण दिया गया, ताकि महिलाएं इस पारंपरिक कला के माध्यम से स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकें।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं ने सिक्की, घास एवं खर से विभिन्न आकर्षक वस्तुएं जैसे चंगोली, पौती, फ्लावर पॉट, पेन स्टैंड, बुके, हाथी, कछुआ, झूमर, फूल डाली एवं तोरण गेट तैयार किए, जो कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र रहे।
इस अवसर पर प्रशिक्षक मुन्नी देवी ने बताया कि यह कला उन्हें पारिवारिक परंपरा से विरासत में मिली है। उन्होंने कहीं से औपचारिक प्रशिक्षण नहीं लिया, बल्कि अपने घर के बुजुर्गों से सीखकर इस कला को आगे बढ़ाया। उल्लेखनीय है कि उन्हें वर्ष 2013 में बिहार सरकार के तत्कालीन उद्योग मंत्री रेणु कुशवाहा द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।
कार्यक्रम में संस्थान के क्लस्टर इंचार्ज अजय कुमार एवं डिजाइनर नागमणि ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे घर बैठे उत्पाद बनाकर बाजार में बेच सकें।
प्रशिक्षण के दौरान सभी 30 महिलाओं को प्रतिदिन ₹300 का स्टाइपेंड भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर कई महिला प्रतिभागी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।