संवाददाता : मोहन सिंह
स्थान : बेतिया, जिला पश्चिम चंपारण (बिहार)
दिनांक : 9 मार्च 2026
गर्मी से पहले पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में गर्मी के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष पहल शुरू की है। जिले में खराब पड़े सरकारी चापाकलों की मरम्मत के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि लोगों को गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।

जिला प्रशासन के निर्देश पर लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (PHED) बेतिया द्वारा एक विशेष चापाकल मरम्मति अभियान प्रारंभ किया गया है। इसके तहत मरम्मति दल जिले के सभी प्रखंडों के गांव-गांव जाकर खराब पड़े चापाकलों को ठीक करने का कार्य कर रहा है।
कंट्रोल रूम किया गया सक्रिय
आम लोगों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम को भी सक्रिय कर दिया है। अब कोई भी नागरिक अपने क्षेत्र में खराब पड़े सरकारी चापाकल की सूचना सीधे कंट्रोल रूम को दे सकता है।
इसके लिए जिला प्रशासन ने एक मोबाइल नंबर जारी किया है:
📞 94718 07001
इस नंबर पर सूचना मिलते ही मरम्मति दल संबंधित स्थान पर पहुंचकर खराब चापाकल को ठीक करेगा।
गांव-गांव पहुंच रही मरम्मति टीम
लोक स्वास्थ्य प्रमंडल बेतिया के तहत गठित चापाकल मरम्मति दल जिले के विभिन्न प्रखंडों में लगातार निरीक्षण कर रहा है। टीम का लक्ष्य है कि गर्मी शुरू होने से पहले सभी खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त कर दिया जाए।
मरम्मति अभियान के तहत निम्नलिखित कार्य किए जा रहे हैं:
खराब सरकारी चापाकलों की पहचान
- तत्काल मरम्मत कार्य
- पानी की गुणवत्ता की जांच
- आवश्यक पुर्जों का प्रतिस्थापन
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
लोगों से सहयोग की अपील
कार्यपालक अभियंता, PHED ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई सरकारी चापाकल खराब है तो वे तुरंत इसकी सूचना कंट्रोल रूम के मोबाइल नंबर पर दें।
उन्होंने कहा कि जनता की सूचना से मरम्मति कार्य और तेज होगा और अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा का लाभ मिलेगा।
गर्मी में पेयजल संकट से बचाव
गर्मी के मौसम में अक्सर कई क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पहले से ही तैयारी कर रहा है ताकि आने वाले महीनों में लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े।
इस सरकारी चापाकल मरम्मति अभियान से उम्मीद की जा रही है कि जिले के हजारों लोगों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।
प्रशासन की पहल से लोगों को राहत
जिला प्रशासन की इस पहल को आम लोगों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी चापाकल ही पेयजल का प्रमुख स्रोत होते हैं। ऐसे में खराब पड़े चापाकलों की समय पर मरम्मत से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी क्षेत्र में खराब चापाकल की सूचना मिलने पर मरम्मति टीम तत्काल कार्रवाई करेगी