रिपोर्ट विजय कुमार
सभी के लिए न्याय को त्वरित और सुलभ बनाना किसी भी न्याय वितरण प्रणाली का प्राथमिक लक्ष्य है। देश की विशाल जनसंख्या और लगातार बढ़ते विवादों के कारण न्यायपालिका पर बोझ बढ़ता जा रहा है। इसी दिशा में, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और भारत के सर्वोच्च न्यायालय के सहयोग से ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता’ नामक विशेष मध्यस्थता अभियान चलाया गया। यह अभियान 01 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक भारत के सभी तालुका न्यायालयों, जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों के मध्यस्थता के माध्यम से निपटारे हेतु 90 दिन का गहन अभियान था।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय सिंह प्रथम ने बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस अभियान के उद्देश्यों को साकार करने के लिए अनेक कदम उठाए। उच्च न्यायालय में वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावा, घरेलू हिंसा, चेक अनादर, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, ऋण वसूली, विभाजन, बेदखली, भूमि अधिग्रहण और अन्य उपयुक्त मामलों की पहचान कर उन्हें मध्यस्थता हेतु भेजा गया। उच्च न्यायालय मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र, इलाहाबाद और इसकी लखनऊ पीठ में 01 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक 1,978 मामले भेजे गए, जिनमें से 100 मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से समाधान हुआ।
उत्तर प्रदेश के जिला न्यायालयों में अभियान की सफलता सुनिश्चित करने हेतु नियमित ऑनलाइन वर्चुअल बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में जिला न्यायाधीश, विशेष कार्याधिकारी, सदस्य सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नोडल अधिकारी, पारिवारिक न्यायालयों, वाणिज्यिक न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरणों के पीठासीन अधिकारी शामिल हुए। अभियान के दौरान जिला न्यायालयों में 01 जुलाई 2025 से 30 सितंबर 2025 तक 1,15,309 मामले मध्यस्थता के लिए भेजे गए, जिनमें से 13,250 मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निपटारा हुआ।
अभियान के दौरान आम जनता को प्रिंट, रेडियो और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से मध्यस्थता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। पोस्टर और बैनर जिला न्यायालय परिसर और प्रवेश द्वारों पर प्रमुख स्थानों पर लगाए गए। साथ ही, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारियों की सेवाएं उनके निवास जिलों में मध्यस्थ के रूप में ली गईं और अतिरिक्त अधिवक्ता मध्यस्थों की नियुक्ति की गई।
राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान की सफलता आम जनता को मध्यस्थता के महत्व के बारे में जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी और ए0डी0आर0 तंत्र के माध्यम से विवादों के सक्रिय समाधान के लिए प्रेरित करेगी।