लखीमपुर खीरी पहुंची महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा, बुद्ध विहारों में हुआ तिशरण-पंचशील ग्रहण
लखीमपुर खीरी, 31 अगस्त 2026। महाड़ सत्याग्रह की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर धम्मभूमि श्रेष्ठ जीवन के लिए के तत्वावधान में 26 अगस्त 2026 से शुरू हुई महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा अपने छठे दिन लखीमपुर खीरी पहुंची। यात्रा के दौरान आंबेडकर भवन, बुद्ध विहार और आंबेडकर पार्कों में कार्यक्रम आयोजित कर महाड़ सत्याग्रह और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
यात्रा के तहत सुबह 11 बजे आंबेडकर भवन एवं बुद्ध विहार, छाउछ, लखीमपुर खीरी में कार्यक्रम आयोजित हुआ। बुद्ध एवं बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के समक्ष मोमबत्ती प्रज्वलित कर तथा पुष्प अर्पित किए गए। इसके बाद तिशरण एवं पंचशील ग्रहण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
यात्रा का नेतृत्व कर रहे धम्मभूमि श्रेष्ठ जीवन के लिए के महासचिव हरी गौतम विमल ने चोबदार तालाब और महाड़ सत्याग्रह के घटनाक्रम पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा महाड़ सत्याग्रह के दौरान दिए गए भाषणों का उल्लेख करते हुए कहा कि महाड़ सत्याग्रह केवल पानी के अधिकार का संघर्ष नहीं था, बल्कि सामाजिक समानता, मानवीय गरिमा और अधिकारों की लड़ाई का महत्वपूर्ण अध्याय था।
उन्होंने यात्रा के उद्देश्य और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी भी उपस्थित लोगों को दी। इस अवसर पर श्रद्धेय शिव राम गौतम, वी. एल. गौतम, शीतल प्रसाद, संजीत कुमार, चंद्र प्रकाश, मुंशी लाल, ओम प्रकाश गौतम, एस. के. नीरज सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

मोहम्मदी में हुई विशेष बैठक
शाम 6 बजे डॉ. आंबेडकर पार्क एवं बुद्ध विहार, बरवर चौराहा, मोहम्मदी, लखीमपुर खीरी में बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत भिक्खु आनंद जी द्वारा तिशरण एवं पंचशील ग्रहण कराने के साथ हुई।
बैठक में हरी गौतम विमल ने महाड़ सत्याग्रह के ऐतिहासिक घटनाक्रम, चोबदार तालाब के सत्याग्रह और बाबा साहब के विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाड़ सत्याग्रह की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर निकाली जा रही संदेश यात्रा का उद्देश्य समाज में समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और मानवीय अधिकारों के प्रति चेतना को मजबूत करना है।
मोहम्मदी की बैठक में श्रद्धेय उदय वीर बौद्ध, भिक्खु आनंद जी, पी. एल. विशारद, नन्द लाल बौद्ध सहित अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन शील प्रिय गौतम ने किया।
वितरित की गई ‘चेतना की आग को बुझने न दीजिए’ पुस्तक
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित भंतेगण, उपासक एवं उपासिकाओं को महाड़ सत्याग्रह के अवसर पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए दोनों भाषणों को संकलित कर तैयार की गई पुस्तक ‘चेतना की आग को बुझने न दीजिए’ तथा संबंधित पंपलेट वितरित किए गए।

उपस्थित लोगों ने महाड़ सत्याग्रह संदेश यात्रा के उद्देश्य की सराहना करते हुए यात्रा को अपना सहयोग देने का आश्वासन दिया।
लखीमपुर खीरी में यात्रा में शामिल लोगों के लिए जलपान एवं दिन के भोजन की व्यवस्था की गई। इसके बाद यात्रियों को मोहम्मदी के लिए विदा किया गया। मोहम्मदी में यात्रा में शामिल लोगों ने श्रद्धेय उदय वीर बौद्ध के घर पर रात्रि विश्राम किया।
महाड़ सत्याग्रह की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर निकाली जा रही यह संदेश यात्रा विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के विचारों को लोगों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।