संवाददाता : रेनू
मेरठ जिले में लॉकडाउन होने के बाद भी लोगों ने सरकार के बनाए गए निमयों का मजाक उड़ाया हुआ है। दिलों में कोरोना संक्रमण का भय दिखाई ही नहीं दे रहा है। पुलिस की सख्ताई के बावजूद लोग झुंड बनाकर सड़कों पर निकल रहे हैं। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही लगातार जारी है। सब्जी मंडी, बैंकों के बाहर, दुकानों पर, यहां तक कि सड़कों पर भी चलते समय शारीरिक दूरी का पालन करने को कोई तत्पर नहीं है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। जिले में लोग लगातार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जिले में लाकडाउन लगाया गया है। लेकिन इस लाकडाउन के बाद भी लोग घरों में ठहरने को तैयार नहीं हैं। सरकर ने सुबह 11:00 बजे तक दुकानों को खोलने की इजाजत दी है। साथ-साथ शराब की दुकानें भी खोलने के निर्देश दे रखे हैं। हालांकि छूट संबंधी सभी निर्देश जिले के डीएम की रजामंदी के बाद ही लागू किए जाने की बाध्यता है। फिलहाल आवश्यक वस्तुओं की दुकानों और शराब के ठेकों को ही खोलने की इजाजत दी है। इसको लेकर व्यापारी समाज खासा परेशान है। उधर, बाजार बंद हैं लेकिन लोग बिना वजह सड़कों पर निकलने से बाज नहीं आ रहे। आज भी मेरठ शहर की सड़कों पर बहुत ज्यादा चहल-पहल दिखाई दी। दोपहर में पुलिस ने सख्ती बढ़ाई और बाइक सवारों के चालान काटे। बैंकों, राशन की दुकान, मेडिकल स्टोरों पर लोग शारीरिक दूरी का उल्लंघन करते नजर आए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं को बनाया। पुलिसकर्मियों ने मास्क न लगाने वाले कई लोगों को फटकार भी लगाई और बिना मासक के निकलने वालो को सख्त चेतावनी भी दी। और बिना किसी कार्य के घर से बाहर निकलने वालों पर कार्रवाई की जायेगी तभु जनता अपनी हरकतों से बाज आयेगी। ऐसे तो लोगों ने इस महामारी को बहुत ही मजाक बना रखा है।