बेतिया, पश्चिमी चंपारण। संवाददाता मोहन सिंह
जिले में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह बात जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
बैठक कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई, जिसमें पूर्व बैठक की कार्यवाही की पुष्टि के साथ जिले में घटित सड़क दुर्घटनाओं, मृतकों एवं घायलों के आंकड़ों, मुआवजा भुगतान की स्थिति, हिट एंड रन मामलों, पोर्टल अपडेट तथा चिन्हित ब्लैक स्पॉटों की विस्तृत समीक्षा की गई।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी चिन्हित ब्लैक स्पॉटों पर कैट्स आई, रम्बल स्ट्रिप्स, बैरियर, रिफ्लेक्टर, स्टड, साइनेज बोर्ड और चेतावनी संकेतक शीघ्र लगाए जाएं। तेज मोड़ों, पुल-पुलियों और दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध, नियमित वाहन जांच अभियान, तेज गति, नशे की हालत में ड्राइविंग, बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वाहन चलाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त एवं सभी नगर निकायों को नो पार्किंग जोन और नो वेंडिंग जोन चिन्हित कर सख्ती से लागू करने, सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने और अवैध पार्किंग के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर जुर्माना वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया।
डीएम ने सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर जोर देते हुए कहा कि यातायात नियमों के पालन से ही दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
हिट एंड रन मामलों में पीड़ितों व उनके परिजनों को शीघ्र सहायता राशि उपलब्ध कराने, गुड सेमेरिटन योजना के अंतर्गत दुर्घटना पीड़ितों की सहायता करने वाले नागरिकों को संरक्षण देने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय से सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त काजले वैभव नितिन, नगर आयुक्त नगर निगम बेतिया सुश्री शिवाक्षी दीक्षित, जिला परिवहन पदाधिकारी श्रीमती रितु रानी सहित जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।