वैशाली चकसिकंदर में एएनएम कुमारी आशा की सेवानिवृत्ति पर भव्य विदाई 2026: 37 वर्षों की सेवा को मिला सम्मान

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चकसिकंदर स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम कुमारी आशा की सेवानिवृत्ति पर भावुक विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उनके 37 वर्षों के योगदान को सराहा गया।

Vaishali ANM Asha Retirement Farewell 2026
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संवाददाता – राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली (बिहार)
30 मार्च 2026 (सोमवार)

राजापाकर । वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड अंतर्गत अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चकसिकंदर में सोमवार को एएनएम कुमारी आशा के सेवानिवृत्ति के अवसर पर भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, सहकर्मियों एवं ग्रामीणों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।

चकसिकंदर में एएनएम कुमारी आशा का विदाई समारोह 2026

समारोह के दौरान पूरे परिसर में सम्मान और भावनाओं का माहौल देखने को मिला। कुमारी आशा ने वर्ष 1989 में अपनी सेवा की शुरुआत की थी और करीब 37 वर्षों तक उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

चकसिकंदर में एएनएम कुमारी आशा का विदाई समारोह 2026

अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने टीकाकरण अभियान, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने क्षेत्र के अधिकांश घरों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर अपनी अलग पहचान बनाई।

समारोह में सीएचसी प्रभारी डॉ. श्री प्रकाश उपाध्याय और एपीएचसी प्रभारी डॉ. रवींद्रनाथ सिंह ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। डॉ. विकास कुमार एवं पूर्व चिकित्सक डॉ. एस.के. रावत ने भी उनके साथ बिताए अनुभव साझा किए।

प्रधान लिपिक वशिष्ठ नारायण सिंह और स्वास्थ्य प्रबंधक सौरभ रंजन ने भी उनके कार्यों की प्रशंसा की। इस अवसर पर उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिसमें उनके पति अशोक पांडे, पुत्र डॉ. अमित कुमार एवं इंजीनियर अभिनव अमर शामिल थे।

सहकर्मियों में डॉ. नंदिनी प्रभा, डॉ. टी.एन. गुप्ता, एएनएम चंचल कुमारी, नवदिता, मीरा कुमारी, अनुराग कुमार और डाटा एंट्री ऑपरेटर सोनू कुमार सहित कई लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक शर्मा एवं डॉ. मुस्तफा कमाल पाशा ने कहा कि कुमारी आशा इस क्षेत्र की सच्ची स्वास्थ्य प्रहरी रही हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएं और ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने उन्हें अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।

अंत में कुमारी आशा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चकसिकंदर की मिट्टी और यहां के लोगों का स्नेह उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि सेवा से विदा जरूर ले रही हैं, लेकिन इस क्षेत्र की यादें हमेशा उनके साथ रहेंगी।

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