Bihar News: डीएम वैशाली के सतत अनुश्रवण में एलपीजी आपूर्ति सामान्य, उपभोक्ताओं को समयबद्ध गैस उपलब्ध कराने के निर्देश
संवाददाता : राजेन्द्र कुमार
हाजीपुर, वैशाली।
जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह (भा.प्र.से.) के सतत अनुश्रवण एवं निगरानी में वैशाली जिले में घरेलू एलपीजी (रसोई गैस) की आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा उपलब्ध कराए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की कुल 67 गैस एजेंसियां संचालित हैं, जो लगभग 8.07 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को नियमित रूप से एलपीजी उपलब्ध करा रही हैं।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि 19 जुलाई 2026 तक जिले की गैस एजेंसियों के पास 17,568 एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक उपलब्ध था। वर्तमान में जिले में 35,191 लंबित बुकिंग हैं तथा प्रतिदिन औसतन 12,624 सिलेंडरों की डिलीवरी की जा रही है। आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि शहरी क्षेत्रों में पिछले 25 दिनों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 45 दिनों के भीतर रीफिल प्राप्त कर चुके उपभोक्ताओं को नई बुकिंग की अनुमति निर्धारित नियमों के अनुसार दी जाए, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा सके। इस व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा गैस एजेंसियों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण कराया जा रहा है। एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी है तथा अब तक तीन व्यक्तियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी है।
डीएम के निर्देश पर जिले में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन का भी विस्तार किया जा रहा है, ताकि घरेलू एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके। साथ ही, जिला नियंत्रण कक्ष के माध्यम से एलपीजी आपूर्ति से संबंधित शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक नियंत्रण कक्ष में 1,262 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका आवश्यक कार्रवाई के साथ समाधान किया गया है।
जिला पदाधिकारी ने सभी गैस एजेंसियों को अपने कार्यालयों के बाहर एलपीजी वितरण की तिथि, उपलब्ध स्टॉक तथा आगामी वितरण कार्यक्रम की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम सेवा उपलब्ध हो सके।