संवाददाता – राजेन्द्र कुमार
राजापाकर, वैशाली (बिहार)
06 अप्रैल 2026
राजापाकर । वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड अंतर्गत सरसई गांव स्थित बज्जिका सदन में रविवार को साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय बज्जिका भाषा परिषद, हाजीपुर/पटना के तत्वावधान में बज्जिका भाषा की तिमाही पत्रिका ‘पहरुआ’ के संयुक्त अंक (सात-आठ) का लोकार्पण किया गया, साथ ही एक भव्य कवि-गोष्ठी का भी आयोजन हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य प्रो० (डॉ०) जयश्री मिश्र ने की, जबकि स्वागत संबोधन इंजीनियर राम नरेश शर्मा द्वारा किया गया। पत्रिका ‘पहरुआ’ का लोकार्पण डॉ० जयश्री मिश्र, परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष ई० राम नरेश शर्मा, पत्रिका संपादक डॉ० विद्या चौधरी सहित अन्य गणमान्य अतिथियों के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ।
इस अवसर पर पत्रिका के संपादक डॉ० विद्या चौधरी ने ‘पहरुआ’ की आवश्यकता, उद्देश्य और वर्तमान अंक की विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं कुमारी लता ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए पत्रिका के महत्व को रेखांकित किया। अध्यक्ष डॉ० जयश्री मिश्र ने बज्जिका भाषा आंदोलन के इतिहास और उसके संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही और सभी ने ‘पहरुआ’ पत्रिका के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में भव्य कवि-गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें शिक्षिका कुमारी लता, कृष्णा देवी, गिरिजा देवी, रंजना देवी, रेणुका देवी, अंजुला देवी, सरोज देवी एवं राम कुमारी देवी सहित कई कवयित्रियों ने अपनी कविताओं और मधुर गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंच का सफल संचालन संजय कुमार सिंह ने किया। कार्यक्रम में अशोक कुमार, मदन शर्मा, सुधांशु शेख, व्रजेश कुमार, दीपक सिंह, ऋषभ राज सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अंत में शिक्षाविद एवं पूर्व प्राचार्य मदन मोहन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।