किशोरी के आहार में आयरन पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए- सोनिया

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किशोरी के आहार में आयरन पर्याप्त मात्रा में होना चाहिए- सोनिया

Etawah News

राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद कि व्यायाम शिक्षिका ने बताया कि शरीर को निरोग और स्वस्थ रखने के लिए तथा दिन भर ऊर्जावान बने रहने के लिए हमें सही पोषण की आवश्यकता होती है। उचित पोषण से हमारे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है तथा शरीर के सभी अंगों की कार्य प्रणाली को बेहतर बनाने में मदद मिलती हैं। विशेष रुप से बालिकाओं को किशोरावस्था में पोषण का अत्यधिक महत्व बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान उनके शरीर में अनेक प्रकार के परिवर्तन होते हैं।

किशोरियों को प्रतिदिन लगभग 2200 कैलोरी की आवश्यकता होती हैं साथ ही उनको शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए विटामिन, कैल्शियम, आयरन, जैसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है। संतुलित आहार से तात्पर्य उन सभी खाद्य पदार्थों से हैं जो शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करें ।तथा खाने की मात्रा और सही समय भी बहुत जरूरी होता है। किशोरियों को कैल्शियम, विटामिन ,फाइबर ,तथा ऐसे जरूरी पोषक तत्व। फल सब्जियां तथा अनाज से मिल सकते हैं इसमें उनका शारीरिक तथा मानसिक विकास उचित प्रकार से होता है। हम अपने आसपास उपलब्ध खाद्य पदार्थ अपने आहार में शामिल कर उनका उचित मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। शक्तिवर्धक पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट प्रमुख है जैसे स्टार्च देने वाले भोज्य पदार्थ इसमें पाली सेके राइट्स होते हैं। जो गेहूं, चावल ,चना, विभिन्न प्रकार की दालों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।

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वसा के लिए हम सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, दूध, घी, मक्खन, का प्रयोग कर सकते हैं प्रोटीन प्राप्ति के लिए दूध, अंडा, मांस, मछली, पनीर,अपनी रुचि के अनुसार अपने आहार में प्रयोग में ला सकते हैं। इसके अलावा भी गेहूं, चना, मटर, हरी पत्तेदार, सब्जियों से भी हम कार्बोहाइड्रेट प्राप्त कर सकते हैं। बालिकाओं की आहार तालिका में लोहा यानी आयरन बहुत आवश्यक है इसके लिए वह यकृत, मांस, अंडे की जर्दी, दाल, पालक, मेथी, सलाद ,पुदीना, टमाटर में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।किशोरावस्था में बालिकाओं को पीरियड्स भी शुरू हो जाते हैं जिससे उनको दर्द का भी सामना करना पड़ता है। पौष्टिक तथा संतुलित आहार लेने से वह इस समस्या से निजात पा सकती हैं कैल्शियम से हड्डियां मजबूत होती हैं ।

दूध, पनीर, ब्रोकली, चीज, हरी सब्जियो में भरपूर मात्रा में पाया जाता है।दूध एक ऐसी चीज है जिस में न केवल किशोरावस्था में ही सेवन करना चाहिए बल्कि हर उम्र के व्यक्तियों के लिए जरूरी है। इसके साथ पानी, जूस पीना भी अच्छी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। शरीर के अंदर बुरे टॉक्सिन को बाहर निकालता है। साथ ही बॉडी को फिट रखने में भी मददगार साबित होता है। अगर किशोरियों को सब्जियां खाना पसंद नहीं है तो इसके लिए उन्हें कुछ टिप्स अपना सकती हैं जिससे सब्जियों को रुचिकर बनाया जा सकता है जैसे 1.सब्जियों को अलग-अलग स्वादिष्ट डिश बना कर खाएं 2.पराठे में सब्जियों की स्टाफिंग की जा सकती है। 3.बच्चियों को सब्जियों के फायदे बताएं 4.कुछ सब्जियों का कंबीनेशन करके सब्जियों को बहुत बेहतर बनाया जा सकता है जैसे शिमला मिर्च के साथ पनीर।5. सब्जियों का सूप बना कर प्रयोग में लिया जा सकता है। इससे सब्जियां स्वास्थ्यवर्धक तथा रुचिकर हो जाती हैं किशोरी बालिका का प्रतिदिन आहार तालिका इस प्रकार है।

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