राष्ट्रीय जल दिवस पर पानी बचाने की शुरुआत घर से करे - सोनिया
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राष्ट्रीय जल दिवस पर पानी बचाने की शुरुआत घर से करे – सोनिया

राष्ट्रीय जल दिवस पर पानी बचाने की शुरुआत घर से करे – सोनिया

राष्ट्रीय जल दिवस पर पानी बचाने की शुरुआत घर से करे - सोनिया

राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद संतकबीरनगर की व्यायाम शिक्षिका सोनिया ने कहा कि जल संकट से बचाव में सभी का योगदान बहुत जरूरी है।क्यो कि लगातार बढ़ते जल संकट को लेकर हम सब को बेहद सजग होने की जरूरत है ।जल संकट ने शहरों को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आने वाले समय वक्त में नई आबादी कि प्यास बुझाने में नाकाफी साबित होगी। सदाबहार जल स्रोतों की कमी और अनिश्चित मानसून ने शहरों मै जल संकट को ओर बढ़ा दिया है।शहरों और किसानों के लिए राज्यों में नदियों की पानी को लेकर लड़ाइयां हो रही हैं।यहां तक कि गांव के लोग अपने क्षेत्र के पानी को लेकर पड़ोसी शहरों के अधिकारो को चुनौती दे रहे हैं।शहर से सटा इलाका को चारो तरफ से गांवों से घिरा हुआ है। वहां पर पानी की ज्यादा निकासी के कारण फसलों के उत्पादन घट रही है।गाव की पानी शहर के तरफ मोड़ने से गावो में पानी को लेकर रोष पनप रहा है। इसे में सवाल है कि क्या पानी के इस्तेमाल के लिए अलग आदर्श प्रतिमान हो सकता है।

हमारे पूर्वज सदियों से वर्षा का जल रूपी निधि की बांट जोहते और इसका संरक्षण करते आए है।इस लिए हमसब को भी अपनी भावी पीढ़ी के लिए जल संरक्षण करे । बरसात की एक एक जल की बूंद पानी जमीन के नीचे रोका जय ताकि वह धीरे धीरे बहता रहे ।हर एक धर्म जाति ,हर एक भाषा के लोगो ने यह काम किया है। आवश्यकता नुसर इस पानी को निकाला जाता था और इसका उपयोग होता था ।आज लोग हर एक घरों मै वाटर प्यूरीफायर एवम् लोग बिजनेस के तोर पर बड़े -बड़े पानी सप्लाई का मशीन लगा कर हर रोज हजारों -हज़ारों लीटर पानी बर्बाद कर रहे हैं इसी तरह लोग सार्वजानिक स्थलों पर लगे नल की टोटियो को खुला छोड़ दे रहे है।

इस तरह जल की बर्बादी को लोगो को जागरूक कर रोकना होगा ।हम सब मिलकर जल की एक बूंद पानी सहेजे । क्यों की जल नहीं तो कल नहीं। अगर हम सब सही समय रहते नहीं चेते तो इसका भयंकर रूप देखने को मिलेगा।क्योंकि अभी पानी की बोतल बीस रूपये लीटर है आने वाले वक्त में पेट्रोल से भी महागा पानी हो जाएगा।लेकिन जल संकट की समस्या पर काबू पाना हमारे हाथ में अब भी है।क्यो कि बदलाव खुद से शुरू होता है।जीवन में जल की जितनी महत्ता है उतनी ही उसकी संरक्षण की।इस लिए जल संकट से बचाव में सभी का योगदान जरूरी हैं।