Bihar News : सील क्लीनिक में प्रसूता मौत, अवैध कारोबार उजागर

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अंबेडकरनगर में सील क्लीनिक में प्रसूता की मौत के बाद हड़कंप, दो FIR दर्ज लेकिन गिरफ्तारी नहीं।

सील क्लीनिक में प्रसूता मौत अंबेडकरनगर
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संवाददाता : पंकज कुमार
स्थान : आलापुर, जिला अंबेडकर नगर (उत्तर प्रदेश)
दिनांक : 17 मार्च 2026

जहांगीरगंज आलापुर । सील क्लीनिक में प्रसूता मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अंबेडकरनगर जिले के जहांगीरगंज क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक सील नर्सिंग होम में प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ने और मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उसकी मौत हो जाने से परिजनों में कोहराम मच गया।

सील क्लीनिक में प्रसूता मौत अंबेडकरनगर

मृतका की पहचान राजकला, पत्नी संदीप कुमार, निवासी केदरूपुर गांव, राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के रूप में हुई है। रविवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें जहांगीरगंज बाजार स्थित दिव्यांशु हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था।

सुबह करीब 10:40 बजे महिला ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन दोपहर करीब 1 बजे अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि गलत इलाज और लापरवाही के कारण प्रसूता की हालत गंभीर हो गई।

इलाज में लापरवाही का आरोप 

  • परिजनों के अनुसार – प्रसव के बाद महिला की हालत बिगड़ी
  • नर्सिंग होम ने समय पर सही इलाज नहीं किया
  • हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए
  • मेडिकल कॉलेज ले जाते समय महिला की मौत हो गई
  • इस घटना के बाद परिवार में मातम छा गया और नवजात बच्चे के सिर से मां का साया उठ गया।

दो-दो एफआईआर, फिर भी गिरफ्तारी नहीं

इस मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं:

  • पहली एफआईआर मृतका के पति संदीप कुमार, पिता हीरालाल की तहरीर पर
  • दूसरी एफआईआर सीएचसी अधीक्षक डॉ. कमलेश की शिकायत पर

दोनों मामलों में नर्सिंग होम संचालिका प्रियंवदा मौर्या, उर्फ संगीता मौर्या, और उनके सहयोगियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, धोखाधड़ी, जालसाजी और मेडिकल एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

इसके बावजूद अब तक मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

सील होने के बाद भी चलता रहा क्लीनिक

  • सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि दिव्यांशु हेल्थ केयर सेंटर जुलाई 2024 में ही सील किया जा चुका था
  • निरीक्षण में कोई वैध दस्तावेज नहीं पाए गए थे
  • इसके बावजूद क्लीनिक में इलाज और ऑपरेशन जारी रहा
  • मरीजों की आवाजाही भी लगातार बनी रही

यह सीधे तौर पर प्रशासनिक लापरवाही या मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

संचालिका पर गंभीर आरोप

  • स्थानीय सूत्रों के अनुसार- प्रियंवदा मौर्या, उर्फ संगीता मौर्या, पत्नी नंदकिशोर मौर्य, अवैध रूप से क्लीनिक चला रही थीं
  • पहले आशा बहू के रूप में कार्यरत थीं
  • संविदा समाप्त होने के बाद निजी नर्सिंग होम शुरू किया
  • यूनियन बैंक के ऊपर किराए के भवन में क्लीनिक संचालित था

प्रशासनिक कार्रवाई और सवाल

  • घटना के बाद- स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन मौके पर पहुंचा
  • क्लीनिक से उपकरण और सामान जब्त किए गए
  • शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम 

जब क्लीनिक पहले से सील था, तो संचालन कैसे हो रहा था?
आखिर किसकी शह पर यह अवैध कारोबार चलता रहा?
दो एफआईआर के बाद भी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?

मुख्य बिंदु 

  • सील क्लीनिक में प्रसूता की मौत
  • अवैध नर्सिंग होम में चल रहा था इलाज
  • दो एफआईआर दर्ज, गिरफ्तारी नहीं
  • प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप
  • नवजात बच्चा हुआ मां से वंचित

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