Meerut News: Despite being unlocked, roads are deserted in many places
संवाददाता: रेनू
मेरठ जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रण करने के लिए सरकार के द्वारा निर्धारित किये गए नियमों को लगातार लागू किया जा रहा है। बाजार को 9 बजे तक खोलने का आदेश दिए गए है9 बजे के बाद रात का कर्फ्यू भी लगाया गया है। इसका काफी हद तक असर देखने को मिला। शाम को 9:00 बजे के बाद मेरठ के सभी क्षेत्रों के बाजारों, चौराहों व सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है ।पर अभी भी मेरठ में बहुत जगहों पर कोरोना का भय दिन रात दिखाई देता है।
कहीं ज्यादा ही सुनसान रास्ते हैं।जहाँ लोग दिखाई नहीं देते हैं।जो कि 9:00 बजे तक मेरठ में अनलॉक किया गया है। ओर शाम होते ही लोगों को सडकों पर देख पुलिस प्रशासन ने जल्द अपने घरों को जाने की अपील भी करती हैं। जगह-जगह पुलिस गश्त कर जयाजा ले रही। जो लोग अपने घरों में ही रहे। कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलता हैं। वह अपने पैर न पसारे।
इस लिए लोग कहीं भी भीड़ जमा न करें। लोगों को ये महामारी अपनी चपेट में ले चुकी है। इससे निपटने के लिए शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने शाम नो बजे से सुबह छह बजे तक के लिए नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया और साप्ताहिक बंदी भी लागू की गई है। जो परिस्थितियां सामान्य होने तक मेरठ जिले में लगातार जारी रहेंगी। इसका खासा असर दिखाई दे रहा है। लोग अपने जरूरी काम नो बजे के पहले ही निपटाकर घरों में चले जाते हैं। दुकानों को भी भी तय समय अवधि से पहले ही बंद कर दिया जा रहा है। जिससे बाजारों में सात बजते से ही सन्नाटा पसर जाता है। सड़कों के किनारे खुलीं खानपान की इक्का-दुक्का दुकानों को पुलिस द्वारा बंद कराया गया।
कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा टीमें बनाकर जगह-जगह गश्त, चेकिंग अभियान चलाया लगाया है। देर रात तक यह अभियान जारी रहता है। मेरठ पुलिस के अधिकारीयों ने खुद कमान संभाले रखी है। लाउडस्पीकर पर अलाउंस कर लोगों को घरों को जाने और घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान जो लोग सड़कों पर बिना किसी कार्य के नजर आए, उन्हें पुलिस की सख्ती का भी सामना करना पड़ेगा। मेरठ के सभी क्षेत्रों के अंदरूनी गलियों में भी पुलिस की आवाजाही बनी रही। पूरे मेरठ में पुलिस की गाड़ियों के हूटरों की गूंज सुनाई देती रहती है।