Prayaagraj News :उप कृषि निदेशक(कृषि रक्षा) ने किसान भाईयों को मक्का व धान की फसल को कीटों से बचाने के बताये उपाय

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रिपोर्ट विजय कुमार

उप कृषि निदेशक(कृषि रक्षा) प्रयागराज मण्डल, श्री गोपाल दास गुप्ता ने किसान भाइयों को मक्का की फसल में फाल आर्मी वर्म एवं धान के तना बेधक कीट से सम्बंधित जानकारियां देते हुए नियंत्रण हेतु अवगत कराया है कि फाल आर्मी वमर्ः-इसकी मादा कीट प्रायः पत्तियों की निचली सतह पर किन्तु कभी-कभी पत्तियों की ऊपरी सतह एवं तने पर हल्के पीले व भूरे रंग के अण्डे देती है। कीट की प्रथम अवस्था सूंडी (लार्वा) सर्वाधिक हानिकारक होती है। यह धूसर रंग की होती है, इसके पार्श्व में पतली तीन सफेद धारियां व सिर पर उल्टा अंग्रेजी का अक्षर वाई दिखता है। यह कीट मक्का के पत्तियों के साथ-साथ बाली एवं दानो को भी प्रभावित करता है।

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फाल आर्मी वर्म केनियंत्रण हेतु आवयश्क है कि इसके अण्डे इकट्ठा करके नष्ट कर देना चाहिए। यांत्रिकी विधि के तौर पर 7 से 8 लाइट ट्रैप या 14 से 15 बर्ड पर्चर या 35 से 40 फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर लगाना चाहिए। नीम आयल की 2.5 ली0 या क्यूनालफास 20 ई0सी0 की 1.5 ली0 या इमामेक्टिन बेनजोएट की 250 से 350 ग्रा0 मात्रा को 500से 600लीटर पानी में घोल बनाकर प्रति हेक्टेयर कीदर से छिडकाव करना चाहिए या कार्बोफ्यूरान 3जी की 20 से 25 किग्रा0 मात्रा का प्रति हेक्टेयर प्रयोग करना चाहिए। धान का तना बेधकः-इसकी मादा कीट पत्तियों पर समूह मे अण्डे देती है। अण्डो से सूडियां निकलकर मुख्य तने के अन्दर घुसकर गूदा खाकर क्षति पहुचाती है, जिससे मृतगोभ बनता है यानि की मुख्य तना सूख जाता है व बाली सफेद रंग की हो जाती है।

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तना बेधक के नियंत्रण हेतु दानेदार रसायन यथा कार्बोफ्यूरान 3ळया कारटाप हाईड्रोक्लोराईड 4जी में से किसी एक रसायन की 18 से 20 किग्रा0 मात्रा को प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करना चाहिए या क्लोरपायरीफास 20 प्रतिशत ईसी अथवा क्यूनालफास 25 प्रतिशत ईसी मे से किसी एक रसायनकी 1.5 लीटर मात्रा को 500 से 600 लीटर पानी में मिलाकर प्रति हेक्टेयर छिडकाव करना चाहिए। किसान भाई फसल सुरक्षा हेतु किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए विभाग के व्हाट्सप नंबर 9452247111 व 9452257111 अथवा अधोहस्ताक्षरी के मो०न० 9415592498पर सम्पर्क कर सकते है।

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